Bihar Medical College: बिहार में सरकार अब मेडिकल क्षेत्र में तेजी से विस्तार करने के प्रयास में जुड़ गई है. आने वाले 4-5 सालों में राज्य में 13 सरकारी और 05 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे. सरकार के इस कदम से बिहार में जहां मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा वहीं दूसरी ओर राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को भी नया प्रारुप मिलेगा.
Bihar Medical College: बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 42
नालंदा मेडिकल कॉलेज की स्थापना दिवस के मौके पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि देश की आजादी के बाद बिहार में 2005 तक केवल मेडिकल कॉलेजों की संख्या 09 थी. बीते 20 सालों में यह संख्या बढ़कर 24 हो गई. आने वाले 4-5 साल में 18 नए कॉलेज खुलने से कुल संख्या 42 तक पहुंच जाएगी. इनमें 13 सरकारी और 05 प्राइवेट कॉलेज होंगे. इसके लिए बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है, जो इन कॉलेजों के संचालन को देखेगा. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार स्वस्थ और समृद्ध बिहार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. यह युवाओं के लिए सुनहरा मौका है.
नालंदा मेडिकल कॉलेज को बनाया जाएगा अत्याधुनिक
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि 4.5 करोड़ रुपए की लागत से नालंदा मेडिकल कॉलेज को अत्याधुनिक बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि यहां पर 30 बेड की नशामुक्ति इकाई, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, बीएससी नर्सिंग कॉलेज, 400 बेड का छात्रावास, स्किल लैब और दीदी की रसोई जैसी सुविधायें शुरू की गई हैं.
हर बिहारी को मिले बेहतर स्वास्थ्य सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नियमित टीकाकरण और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता में बिहार देश में नंबर एक है. आयुष्मान योजना और मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत पिछले साल मरीजों को 1,000 करोड़ रुपये का लाभ मिला. वहीं मरीजों को मुफ्त दवाइयां भी बांटी गई हैं. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि हमारा लक्ष्य हर बिहारी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना है. बिहार स्वास्थ्य विभाग का बजट 20 करोड़ रुपए से अधिक है.