हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि गरीबी के कारण अब कोई भी व्यक्ति उपचार से वंचित नहीं रहेगा। लोगों की सुविधा के लिए हाल ही में राज्य के सभी जिलों में 17 नवंबर से 22 नवंबर 2025 तक विशेष शल्य चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य उन्नत चिकित्सा सुविधा को ज़रूरतमंदों तक बिना आर्थिक बाधा के पहुँचना था।
उन्होंने बताया कि एक सप्ताह तक चले इन शिविरों के दौरान प्रदेशभर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा कुल 3,939 ऑपरेशन किए गए, जिनमें 3,114 बड़े ऑपरेशन तथा 825 छोटे ऑपरेशन शामिल रहे।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि शिविरों के दौरान किए गए प्रमुख ओपरेशनों में 1,241 मोतियाबिंद के ऑपरेशन,503 सिजेरियन ऑपरेशन,366 महिला नलबंदी ऑपरेशन,130 दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) द्वारा पित्त की थैली के ऑपरेशन, 92 कान के ऑपरेशन, 88 हरनिया के ऑपरेशन, 25 घुटना प्रत्यारोपण (TKR) ऑपरेशन, 11 कुल्हा प्रत्यारोपण (THR) ऑपरेशन किए गए।
उन्होंने आगे बताया कि विशेष शल्य चिकित्सा शिविरों के दौरान जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लोगों को आर्थिक राहत भी प्रदान की गई। इनमें 2,074 मरीजों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभ मिला जबकि 661 मरीजों ने चिरायु योजना के तहत उपचार प्राप्त किया।
मोतियाबिंद के भिवानी जिला में सबसे अधिक ऑपरेशन
उन्होंने जानकारी दी कि मोतियाबिंद के ऑपरेशन भिवानी जिला में सबसे अधिक 230 और उसके बाद रोहतक में 151 किए गए जबकि दूरबीन द्वारा पित्त की थैली के ऑपरेशन पंचकूला जिला में सबसे अधिक 36 और उसके बाद फरीदाबाद जिला में 25 किए गए। रोहतक, महेन्द्रगढ़ और झज्जर जिला में 4-4 घुटना प्रत्यारोपण ऑपरेशन हुए। करनाल जिला में कान के 21 बड़े और 137 छोटे ऑपरेशन किए गए। सोनीपत जिला में सबसे अधिक 72 और उसके बाद पलवल जिला में 56 महिला नलबंदी ऑपरेशन इन शल्य चिकित्सा शिविरों में किए गए।

