रोहतक : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने शनिवार दोपहर पीजीआईएमएस की चौधरी रणबीर सिंह ओपीडी का औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री अकेले बिना किसी को बताएं शनिवार दोपहर को अचानक पीजीआई की रणबीर सिंह ओपीडी में पहुंच गई।
उन्होंने सबसे पहले पीपीपी मोड पर लगी हेल्थ मैप की सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के कक्ष का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त आदेश दिए कि मरीजों को तीन से चार दिन की जगह एक दिन के अंदर ही उनकी एम आर आई और सीटी स्कैन की रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाए ताकि मरीज का समय पर जल्द से जल्द इलाज शुरू हो सके क्योंकि चिकित्सक रिपोर्ट के आधार पर ही मरीज का इलाज करता है तो ऐसे में मरीज के इलाज में रिपोर्ट बहुत अहम भूमिका निभाती है।
इसके पश्चात उन्होंने एक्स-रे विभाग में जाकर वहां की कार्य प्रणाली जानी और वहां मरीजों के तत्परता से किए जा रहे एक्स-रे पर संतुष्टि जाहिर की। स्वास्थ्य मंत्री ने इसके पश्चात हड्डी रोग विभाग की ओपीडी का निरीक्षण करते हुए 75 नंबर कमरे में लिए जा रहे ब्लड सैंपल पर लगी भीड़ को देखकर काफी नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को आदेश दिए कि मरीजों का तत्परता से इलाज उपलब्ध करवाया जाए ताकि उन्हें ज्यादा देर तक लाइन में खड़ा ना रहना पड़े। उन्होंने कहा कि जहां पर भी अतिरिक्त लैब टेक्नीशियन और डाटा एंट्री ऑपरेटर हो उनकी नियुक्ति ओपीडी में की जाए ताकि जल्दी-जल्दी मरीजों के सैंपल हो सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने शौचालयों का भी निरीक्षण किया और स्वच्छता की कमी मिलने पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि शौचालयों की ओपीडी के समय तीन बार सफाई होनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने मरीजों से बातचीत की और पीजीआई में मिल रहे इलाज के बारे में पूछा। एक मरीज ने बताया कि काफी दवाइयां उन्हें नहीं मिल रही हैं, पीजीआई के अधिकारियों ने बताया कि संस्थान में अभी 200 तरह की दवाइयां उपलब्ध हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने एक कमेटी बिठाने के निर्देश दिए कि जब सरकार करीब 500 से अधिक प्रकार की दवाइयां उपलब्ध करवा रही है तो सिर्फ 200 प्रकार की दवाइयां ही क्यों खरीद कर मरीजों को प्रदान की जा रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने इसके पश्चात स्त्री रोग विभाग, सुपर स्पेशलिटी विभाग और सर्जरी विभाग की ओपीडी का भी निरीक्षण किया और कहां की वे बहुत जल्द किसी भी समय वार्डों के औचक निरीक्षण करने के दोबारा पीजीआईएमएस में आएंगी। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए आरती राव ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता है कि मरीजों को तत्परता से उच्च गुणवत्ता का इलाज उपलब्ध करवाया जाए, इसके लिए वह कोई कमी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द बॉन्ड वाले नए चिकित्सा आ जाएंगे जिससे काफी हद तक चिकित्सकों की कमी पूरी हो जाएगी।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ एमजी वशिष्ठ, चिकित्सा अधीक्षक डॉ कुंदन मित्तल, डीएमएस डॉ सुखबीर सिंह भी उपस्थित रहे।

