Saturday, September 19, 2026
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सड़क हादसों में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को मिलेंगे 25 हजार रुपए

Haryana News : देश में हर साल सड़क हादसों में लाखों लोग अपनी जान गवा देते है। कई सड़क हादसों में घायल होने वाले हजारों लोग, वक्त पर इलाज न मिलने की वजह से अपनी जान गवा देते है। नागरिकों की जान, ऐसे हादसों से बचाने के लिए सरकार गंभीर है। केंद्र सरकार ने रोड एक्सीडेंट में घायल होने वालों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों के लिए इनाम राशि को बढाकर 25 हजार रुपए कर दी गई है। पहले यह राशि 5 हजार रुपए दी जाती थी।

जिला उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि बताया कि सड़क हादसों में घायल लोगों को गोल्डन ओवर के दौरान यानी एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो जीवित बचने कि संभावना काफी बड़ी जाती है, इसलिए केंद्र सरकार ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 में एक नई धारा 134 शामिल की गई है। जिसका नाम ‘अच्छे लोगों की सुरक्षा’ है, जिसमें प्रावधान है कि एक अच्छा व्यक्ति किसी भी चोट या पीडि़त की मृत्यु के लिए किसी भी नागरिक या आपराधिक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने 2021 में इस योजना की शुरुआत कि थी, जिससे लोग सडक़ दुर्घटना के शिकार लोगों कि मदद करने के लिए प्रेरित हो सकें। वर्तमान योजना के तहत रोड एक्सीडेंट के पीडि़तों को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को पुरस्कार राशि के साथ मान्यता प्रमाण पत्र दिया जाता है। वहीं अब केंद्र सरकार ने सडक़ हादसों में घायल लोगों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट योजना शुरू की है। इसमें यदि किसी भी सडक़ पर अगर किसी का एक्सीडेंट होता है, तो उस व्यक्ति का इलाज आयुष्मान योजना के तहत पैनल पर अस्पतालों में कैशलेस तरीके से होता है। इसमें यह प्रावधान है कि इस योजना के तहत सडक़ हादसे में घायल का इलाज 7 दिनों तक होगा और सरकार इसमें अधिकतम 15 लाख रूपये खर्च करेगी।

गोल्डन ऑवर में घायल को अस्पताल पहुंचाना जरूरी

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 2(12ए) के अनुसार ‘गोल्डन ऑवर’ का अर्थ है किसी दर्दनाक चोट के बाद एक घंटे तक चलने वाली वह अवधि, जिसके दौरान घायल को तत्काल चिकित्सा देखभाल प्रदान की जा सके। इससे घायल का जीवन बचाने की सबसे अधिक संभावना होती है।

इनको मिलेगा योजना का लाभ

कोई भी व्यक्ति जिसने किसी मोटर वाहन से जुड़ी घातक दुर्घटना के पीड़ित को तत्काल सहायता प्रदान करके तथा दुर्घटना के स्वर्णिम समय के भीतर चिकित्सा उपचार प्रदान करने के लिए अस्पताल पहुंचकर उसकी जान बचाई हो। ऐसे व्यक्ति को योजना का पात्र मानते हुए लाभ प्रदान किया जाएगा

इन्हें माना गया है घातक दुर्घटना

मोटर वाहन से संबंधित कोई सड़क दुर्घटना जिसके कारण पीड़ित को उपचार के दौरान प्रमुख सर्जरी, कम से कम तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती, मस्तिष्क अथवा रीढ़ की हड्डी की चोट में से कोई भी स्थिति उत्पन्न हो या अस्पताल द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र दिया गया हो।

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