हरियाणा सरकार ने दिल्ली सरकार के आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि हरियाणा दिल्ली को उसके हिस्से का पूरा पानी दे रहा है। दिल्ली में पानी की किल्लत केवल दिल्ली की आंतरिक खराब व्यवस्था के कारण है। हरियाणा पानी पर राजनीति नहीं करता क्योंकि हम पानी को पानी की आवश्यकता के रूप में देखते है। राष्ट्रीय राजधानी को पानी मिले यह सबकी जिम्मेवारी है और हम दिल्ली को पानी देने में कोई कमी नहीं कर रहे है। उन्होंने कहा कि निर्धारित 719 क्यूसेक से अधिक 1050 क्यूसेक पानी हरियाणा दे रहा है।
हरियाणा के सिंचाई राज्य मंत्री डॉ अभय सिंह यादव ने दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में पत्रकारों को आकंड़ों के साथ हरियाणा द्वारा दिल्ली को दिए जा रहे जलापूर्ति की जानकारी दी। इस अवसर पर सिंचाई विभाग के आयुक्त एवं सचिव पंकज अग्रवाल, ईआईसीवीरेन्द्र सिंह, अधीक्षक अभियंता वाईडब्ल्यूएस दिल्ली तरूण अग्रवाल व एक्सईएन दिल्ली मंजीत सिंह भी उपस्थित थे।
सिंचाई राज्य मंत्री ने कहा कि पानी को लेकर दिल्ली सरकार राजनीतिक ड्रामेबाजी कर रही है। समय-समय पर अलग-अलग एजेंसियों की ओर से बार-बार वेरीफिकेशन हुई है। हरियाणा द्वारा दिया गया डाटा सही पाया गया है। एक भी एजेंसी यह नहीं कह सकती कि हरियाणा ने पानी कम दिया है। दिल्ली सरकार अपने कुप्रबंधन को ठीक करने की बजाय बार-बार हरियाणा पर आरोप लगा रही है। हरियाणा नियमित रूप से दिल्ली को पानी की पूर्ण अधिकृत हिस्सेदारी की आपूर्ति कर रहा है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली द्वारा 13 जून, 2024 को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर याचिका का उत्तर देते हुए हरियाणा सरकार ने 23 मई से 12 जून, 2024 तक की अवधि के लिए दिल्ली संपर्क बिंदु, बवाना पर आपूर्ति किए गए पानी का डेटा प्रस्तुत किया है। जिसमें बताया गया कि हरियाणा मुनक हेड पर दिल्ली के लिए 1050 क्यूसेक पानी लगातार छोड़ रहा है और दिल्ली संपर्क बिंदु बवाना प्वाइंट पर यूवाईआरबी द्वारा तय 924 क्यूसेक से अधिक पानी दिया जा रहा है।
डॉ अभय सिंह यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार आधिकारिक बैठकों में तो यह स्वीकार करती है कि उन्हें पानी की पूरी आपूर्ति मिल रही है, लेकिन राजनीतिक मंच पर मीडिया में भ्रामक व काल्पनिक आंकड़े पेश करते हैं। वास्तव में, वे 613 एमजीडी (1141 क्यूसेक) की मांग कर रहे हैं, जो कि अपर यमुना रिवर बोर्ड (यूवाईआरबी) द्वारा अपनी रिपोर्ट में उल्लेखित आंकड़ों (मुनक में 1011 क्यूसेक और बवाना में 924 क्यूसेक) से अधिक है। यहां तक कि जल मंत्री, दिल्ली के डी.ओ. पत्र में भी यह स्वीकार किया गया है कि दिल्ली को 18 जून 2024 को 513 एमजीडी या 954 क्यूसेक पानी मिल रहा है, जो इस तथ्य की पुष्टि करता है कि हरियाणा ने हमेशा दिल्ली को पूरा पानी दिया है और दिल्ली में किसी भी प्रकार की पानी की कमी केवल दिल्ली के आंतरिक कुप्रबंधन के कारण है।
दिल्ली सरकार भी दे सवालों के जवाब
हरियाणा के सिंचाई मंत्री डॉ अभय सिंह यादव ने दिल्ली सरकार से भी सवाल पूछे है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार बताए कि हरियाणा लगातार दिल्ली के हिस्से का पूरा पानी दे रहा है या नहीं। उनका दूसरा सवाल 6 जून के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से संबंधित रहा और पूछा कि हिमाचल प्रदेश को 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी देने के आदेश हुए थे, फिर दिल्ली सरकार हिमाचलउ प्रदेश से पानी क्यों नही मांग रही और हरियाणा से पानी क्यों मांग रही है।
पंजाब में आप पार्टी की सरकार एसवाईएल का भी समाधान करवाएं
हरियाणा के सिंचाई राज्य मंत्री डॉ अभय यादव ने कहा कि हरियाणा को पंजाब से अपने हिस्से का पानी नहीं मिल रहा है क्योंकि पंजाब एसवाईएल से पानी नहीं दे रहा है। इसके अलावा, हांसी-बुटाना नहर के मुद्देक पर पंजाब सरकार ने स्टे लगवा रखा है। दिल्ली और पंजाब में आप पार्टी की सरकार है तो हरियाणा को पूरा पानी दिलाने के लिए इस मामले समाधान करवाएं। उन्होंने कहा कि हरियाणा को पंजाब और हिमाचल प्रदेश से पानी प्राप्त हो रहा है। हरियाणा को यमुना नदी व डब्ल्यू.जे.सी. नहर प्रणाली के माध्यम से पानी की प्राप्ति 10 से 15 प्रतिशत कम है। उन्होंने कहा कि हमारे अपने जल स्त्रोत सीमित है, हरियाणा खुद पानी की कमी से जूझ रहा है। हरियाणा प्रदेश की पानी की कमी की पूर्ति करने के लिए सीमित संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए कई योजनाएं धरातल पर लागू कर चुका है।
राजनीतिक ड्रामेबाजी व अनशन नहीं समस्या का समाधान
डॉ अभय यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार अधिकारिक बैठकों में स्वीकार करती रही है कि उन्हें अपने हिस्से का पूरा पानी मिल रहा है। लेकिन राजनीतिक मंचों व मीडिया में भ्रामक आंकड़े पेश करती है जो निराधार और तथ्यहीन है। दिल्ली सरकार राजनीतिक ड्रामेबाजी की बजाय पानी वितरण को लेकर अपनी आंतरिक व्यवस्था सुधारें। डॉ अभय यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार को तो पानी के मुददे पर ड्रामेबाजी करने का रूटीन हो गया है और हरियाणा पानी के मुददे पर हमेशा से ही फेयर हैडलिंग और डीलिंग करता आया हैं। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में सिंचाई राज्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली के पानी के हिस्से में हरियाणा क्षेत्र में कोइ अवैध लिफटींग नहीं हैं।