चालान की खानापूर्ति, डेयारी शिफ्टिंग पर ठप पड़ी मशीनरी
गरिमा टाइम्स न्यूज.रोहतक : शहर में डेयरियों की अव्यवस्था पर नगर निगम की कार्रवाई अब सिर्फ चालान काटने तक सिमटती नजर आ रही है। नालों और सीवर में गोबर डालने पर 8 डेयरी संचालकों के चालान कर 25 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट कराने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। कार्रवाई और परिणाम के बीच का यह अंतर शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था में साफ दिखाई दे रहा है।
करीब 250 डेयरियों को कन्हेली रोड स्थित डेयरी कॉम्प्लेक्स में बसाने की योजना सालों पहले बनाई गई थी, लेकिन चार साल में केवल करीब 100 डेयरियां ही शिफ्ट हो पाई हैं। सवाल यही उठ रहा है कि जब कॉम्प्लेक्स बना हुआ है, तो शिफ्टिंग क्यों नहीं हो रही, जवाब साफ है, कॉम्प्लेक्स खुद अधूरा है और जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही।
जनता भुगत रही खामियाजा
डेयरियों से निकलने वाला गोबर और गंदा पानी सीधे सीवर में जा रहा है, जिससे शहर में सीवर जाम और गंदगी की समस्या लगातार विकराल होती जा रही है। लोग बदबू, बीमारियों और जलभराव से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रशासन और डेयरी संचालकों के बीच चल रही खींचतान का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
सुविधाएं नहीं होंगी, तो वहां शिफ्ट नहीं होंगे
डेयरी संचालक साफ कह रहे हैं कि जब तक कन्हेली डेयरी कॉम्प्लेक्स में बुनियादी सुविधाएं पूरी नहीं होंगी, वे वहां शिफ्ट नहीं होंगे। वहीं निगम नोटिस और चालान की कार्रवाई का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रहा है। यही टकराव पूरी योजना को अधर में लटकाए हुए है।
निगम की कार्रवाई पर सवाल
नगर निगम लगातार चालान काट रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ जुर्माना वसूलना ही समाधान है। अगर शिफ्टिंग ही लक्ष्य था, तो फिर इतने सालों में इसे पूरा क्यों नहीं किया जा सका। अब निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
अधूरा कॉम्प्लेक्स, अटकी शिफ्टिंग
कन्हेली रोड पर डेयरी कॉम्प्लेक्स में प्लॉट आवंटन 2004 में ही हो चुका था, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यह प्रोजेक्ट आज तक अधूरा है। न पक्की सड़कें, न पानी की पर्याप्त व्यवस्था और न ही सफाई का इंतजाम। ऐसे में डेयरी संचालकों का वहां जाने से इनकार करना भी सवाल खड़ा करता है कि क्या बिना तैयारी के शिफ्टिंग संभव है।
जिम्मेदारी किसकी
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल जिम्मेदारी को लेकर है। निगम का कहना है कि डेयरी संचालक नियम नहीं मान रहे, जबकि संचालक सुविधाओं के अभाव का हवाला दे रहे हैं। साफ है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं और बीच में पिस रही है आम जनता।
विकास कार्य अब भी इंतजार में
अधिकारियों का दावा है कि कन्हेली कॉम्प्लेक्स के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है और जल्द विकास कार्य शुरू होगा। लेकिन हकीकत यह है कि सालों से यही आश्वासन दोहराया जा रहा है। जब तक ये वादे जमीन पर नहीं उतरते, तब तक डेयरी शिफ्टिंग और शहर की सफाई दोनों ही अधूरी रहेंगी।

