Rohtak News : जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिला में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, दुर्घटना संभावित स्थानों, सड़क इंजीनियरिंग संबंधी कमियों, यातायात व्यवस्था, प्रवर्तन कार्रवाई तथा विभिन्न विभागों की लंबित कार्रवाई रिपोर्ट की विस्तार से समीक्षा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को मौके पर कार्य पूरा होना और उसकी प्रभावी निगरानी भी जरूरी है। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां स्पीड ब्रेकर, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक सिग्नल, चेतावनी संकेत, पैदल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था, सड़क चैनलाइजेशन तथा अवैध कट बंद करने जैसे आवश्यक उपाय प्राथमिकता के आधार पर पूरे करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त उपायुक्त ने हाईवे पर भारी एवं व्यावसायिक वाहनों की अनाधिकृत पार्किंग और ठहराव पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की सड़कों पर अनाधिकृत पार्किंग हो रही है, वे नियमित रूप से इसकी रिपोर्ट संबंधित पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध करवाएं, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के चालान किए जा सकें। निर्धारित पार्किंग एवं ले-बाई की व्यवस्था विकसित करने तथा नियमित प्रवर्तन अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
उन्होंने हाईवे पर गलत दिशा में वाहन चलाने, ओवरलोडिंग और अन्य यातायात उल्लंघनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई तथा नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला राजमार्ग सुरक्षा कार्य बल को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने को कहा गया। एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत कैमरा, स्पीड डिटेक्शन, वैरिएबल मैसेज साइन बोर्ड एवं अन्य निगरानी प्रणालियों को प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में रोहतक शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए विभिन्न प्रमुख मार्गों पर सीमेंट डिवाइडर लगाने की प्रगति की समीक्षा की गई। शीला बाईपास टी-प्वाइंट, शांतमई चैक, झज्जर चुंगी तथा हिसार बाईपास चैक सहित विभिन्न स्थानों पर डिवाइडर स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई, जबकि सोनीपत स्टैंड क्षेत्र में डिवाइडर के लिए अनुमान तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने शहरी क्षेत्र में प्रातः 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित करने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम रोहतक, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) तथा ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को संबंधित स्थानों का संयुक्त निरीक्षण कर आगामी बैठक में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सर्दी का मौसम शुरू होने से पहले अपनी-अपनी सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा करवाएं तथा आवश्यक रोड मार्किंग सुनिश्चित करें। सेक्टर-22 में सुनारियां चैक से बालचंद चैक तक सड़क की मरम्मत एवं चैड़ीकरण, क्षतिग्रस्त सीवर मैनहोल की मरम्मत तथा म्हारी सड़क ऐप पर दर्ज शिकायतों के समाधान की भी समीक्षा की गई।
अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला के खिलाड़ियों से भी अपील की कि सर्दी के मौसम को देखते हुए वे सड़कों पर व्यायाम करने के बजाय निर्धारित स्थानों अथवा स्टेडियम में ही व्यायाम करें, ताकि सड़क पर आवागमन करने वाले वाहनों के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
बैठक में हाईवे के ब्लैक स्पॉट की पहचान एवं सुधार, हाई-मास्ट एवं एलईडी लाइटिंग, रेट्रो-रिफ्लेक्टिव संकेतक, रंबल स्ट्रिप, स्पीड प्रवर्तन कैमरे, ट्रक ले-बाई तथा आपातकालीन सुविधाओं को मजबूत करने संबंधी बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने और आगामी बैठक में अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में असिस्टैंट कमिश्नर अंडर ट्रेनिंग विशाल सिहं, रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार, आईएएस, सचिव आरटीए वीरेंद्र ढुल, एसएचओ प्रवीन कुमार, कुलदीप सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

