Thursday, August 13, 2026
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ईज ऑफ डूइंग बिजनेस : Rajasthan देश में अग्रणी राज्यों में हुआ शामिल

Rajasthan News :  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने और अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके क्रम में राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस संबंध में लगातार मॉनिटरिंग की और बैठकों में समीक्षा की। इसके परिणामस्वरूप आज राजस्थान ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा चिन्हित सभी 23 प्राथमिक क्षेत्रों में राज्य सरकार ने बेहतर कार्य किया है।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और निवेश संवर्धन ब्यूरो के आयुक्त  सुरेश कुमार ओला ने बताया कि राज्य सरकार ने निवेश से जुड़ी प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। कागजी प्रक्रिया को खत्म कर, पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। इसके साथ ही, कई कानूनों और प्रावधानों में संशोधन भी किया गया है। राज्य सरकार द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की दिशा में उठाए गए इन कदमों से प्रदेश को बेहतर निवेश गंतव्य बनाने का संकल्प और सशक्त हुआ है।

ओला ने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ के तहत किए गए 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों में से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के समझौतों पर कार्य प्रारंभ हो गया है। एक साल की अवधि में 20 प्रतिशत से अधिक समझौतों का धरातल पर उतरना, निवेश प्रक्रिया के सरलीकरण पर मुहर लगाता है।

एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए, राज्य ने संशोधन कर शहरी क्षेत्रों में भूमि रूपांतरण प्रक्रिया को सरल बनाया है। आवेदन के ऑटोमेटिक स्वीकृति की समयसीमा को कम किया गया है। अब 60 कार्यदिवस के बजाय मात्र 30 कार्यदिवस में ही आवेदन स्वतः स्वीकृत हो जाएगा। इससे परियोजनाओं में होने वाली देरी में कमी आएगी और नए उद्यमों की स्थापना तेजी से होगी।

राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के नियमों में ढील दी है, ताकि कम चौड़ाई वाली सड़कों वाले इलाकों में भी छोटे और मध्यम उद्योग बिना किसी कानूनी बाधा के शुरू किए जा सकें। इस मामले में राजस्थान अग्रणी राज्यों में शामिल है। लेआउट प्लान वाले क्षेत्रों में सड़क चौड़ाई 9 मीटर और बिना लेआउट वाले क्षेत्रों में 4.5 मीटर निर्धारित की गई है। राज्य ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों में भूमि उपयोग को अनुकूलित करने के लिए भी महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं।

नगरीय विकास एवं आवासन विभाग एवं रीको ने भवन मानकों में संशोधन कर भूमि के सदुपयोग को सुनिश्चित किया है और पार्किंग मानकों को तर्कसंगत बनाया है। पूर्व में वाणिज्यिक भूखण्डों पर 50 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की सीमा को अब समाप्त कर दिया गया है, जिससे नगरीय योजना में अधिक लचीलापन सुनिश्चित हुआ है। नगरीय विकास के क्षेत्र में, राजस्थान सरकार द्वारा ‘ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पॉलिसी’ जारी की गई है। यह नीति मेट्रो कॉरिडोर, बीआरटीएस तथा प्रमुख परिवहन मार्गों के आसपास उच्च घनत्व मिश्रित उपयोग विकास को बढ़ावा देती है, जिससे यातायात भीड़ में कमी, क्षैतिज शहरी विस्तार पर नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में वृद्धि तथा स्वच्छ शहरों का निर्माण संभव हो सकेगा।

अपराध में कमी आई, व्यापार करना आसान हुआ

डी-क्रिमिनलाइज़ेशन के क्षेत्र में राज्य ने ‘राजस्थान जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अध्यादेश, 2025’ अधिसूचित किया है। 11 राज्य अधिनियमों के प्रावधानों में संशोधन कर छोटे अपराधों को अपराधमुक्त किया गया है। इस अध्यादेश के तहत आपराधिक प्रावधानों को आर्थिक दंड से प्रतिस्थापित किया गया है। इससे अपराध में कमी आई है और प्रदेश में व्यापार करना आसान हुआ है।

 

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