रोहतक : पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक के लिए गौरव का क्षण आया है। संस्थान के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. रमेश वर्मा को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा गठित तकनीकी मूल्यांकन समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है। यह समिति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्वास्थ्य तकनीकों का मूल्यांकन करेगी।
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह समिति ‘हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट इन इंडिया’ (HTAIn) के तहत गठित की गई है। HTAIn का उद्देश्य स्वास्थ्य क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित और पारदर्शी निर्णयों को बढ़ावा देना है। डॉ. वर्मा देशभर के 11 विशेषज्ञों में शामिल हैं, जिनमें एम्स नई दिल्ली, जिपमेर पुडुचेरी और पीजीआई चंडीगढ़ के विशेषज्ञ भी हैं। समिति की अध्यक्षता मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. सिद्धार्थ रामजी करेंगे।
डॉ रमेश वर्मा ने बताया कि समिति AI-आधारित तकनीकों की क्लिनिकल प्रभावशीलता, लागत-दक्षता और स्वास्थ्य सेवाओं में समानता जैसे पहलुओं की जांच करेगी। यह दवाओं, उपकरणों और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में AI के उपयोग पर नीतिगत सिफारिशें देगी।
जनसंपर्क विभाग के इंचार्ज डॉक्टर वरुण अरोड़ा ने बताया कि 26 वर्षों के अनुभव वाले डॉ. रमेश वर्मा ने सामुदायिक चिकित्सा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनके नाम 160 से अधिक शोध पत्र, 7 पुस्तकें और 7 राष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों में अध्याय दर्ज हैं। वे 8 क्लिनिकल ट्रायल में जांचकर्ता रहे हैं। कोविड के दौरान उन्होंने कोवैक्सिन ट्रायल में सह-जांचकर्ता के रूप में भी काम किया। वर्तमान में वे पीजीआईएमएस की संस्थागत आचार समिति और बीआरसी के सदस्य सचिव हैं।
कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने डॉ. रमेश वर्मा की नियुक्ति पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह पूरे विश्वविद्यालय और हरियाणा के लिए गौरव की बात है कि हमारे संकाय सदस्य को राष्ट्रीय स्तर की इतनी महत्वपूर्ण समिति में स्थान मिला है। डॉ. वर्मा की यह उपलब्धि दर्शाती है कि पीजीआईएमएस रोहतक अनुसंधान और नवाचार में देश के शीर्ष संस्थानों के समकक्ष खड़ा है। AI स्वास्थ्य सेवाओं का भविष्य है। मुझे विश्वास है कि डॉ. वर्मा का अनुभव भारत में किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य तकनीकों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा। विश्वविद्यालय उनके हर शोध प्रयास में साथ खड़ा है।
डॉ अग्रवाल ने कहा कि डॉ. रमेश वर्मा का 11 सदस्यीय राष्ट्रीय पैनल में चयन हमारे संस्थान की शोध क्षमता और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। 26 वर्षों से वे सामुदायिक चिकित्सा में लगातार काम कर रहे हैं। कोवैक्सिन ट्रायल से लेकर HTAIn तक, राष्ट्रीय नीतियों में उनका योगदान सराहनीय है। यह नियुक्ति युवा फैकल्टी और शोधार्थियों को भी प्रेरित करेगी। पीजीआईएमएस का लक्ष्य सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि नीति-निर्माण में भी योगदान देना है।

