- पेयजल संकट के बीच पीएचईडी का सख्त फैसला, नोटिस के बाद शुरू होगा विशेष अभियान
कविता.रोहतक : मकड़ौली और उससे सटे गांवों में गहराए पेयजल संकट के बीच जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) ने अवैध जल कनेक्शनों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करने का फैसला लिया है।
विभाग का मानना है कि मुख्य पाइपलाइन से बड़ी संख्या में किए गए अवैध कनेक्शनों के कारण नियमित उपभोक्ताओं तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा। इसी को देखते हुए संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर कनेक्शन हटाने या उन्हें नियमों के अनुसार वैध कराने का समय दिया गया है। तय अवधि पूरी होने के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
मुख्य लाइन पर बढ़ते दबाव ने बिगाड़ा पानी का संतुलन
विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच में सामने आया है कि कई गांवों में बिना अनुमति सीधे मुख्य पाइपलाइन से पानी लिया जा रहा है। इससे लाइन का दबाव कम हो जाता है और अंतिम छोर पर बसे घरों तक पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचता। यही कारण है कि कई इलाकों में पानी की सप्लाई लगातार प्रभावित हो रही है और लोगों को निर्धारित समय पर भी पूरा पानी नहीं मिल पा रहा।
ग्रामीणों की नाराजगी के बाद तेज हुई कार्रवाई
मकड़ौली में पिछले कई दिनों से पानी की कमी को लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है। ग्रामीण कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं और जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन से भी मुलाकात कर चुके हैं। समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन और धरना देने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा कर अवैध कनेक्शनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया।
एक सप्ताह बाद सीधे मौके पर पहुंचेगी टीम
विभाग ने साफ कर दिया है कि नोटिस मिलने के बाद केवल सात दिन का समय दिया जाएगा। इस दौरान यदि संबंधित लोग स्वयं अवैध कनेक्शन नहीं हटाते हैं तो विभाग बिना किसी अतिरिक्त सूचना के अभियान चलाकर उन्हें काट देगा।
मुख्य पाइपलाइन से चोरी का सीधा असर सप्लाई पर
अवैध कनेक्शन मुख्य लाइन का दबाव कम कर देते हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान उन घरों को उठाना पड़ता है जो पाइपलाइन के अंतिम हिस्से में हैं। कई कॉलोनियों और गांवों में पानी कम पहुंचने की यही बड़ी वजह मानी जा रही है।
आंदोलन की चेतावनी अभी भी बरकरार
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अवैध कनेक्शन हटाने के बाद भी पेयजल संकट दूर नहीं हुआ तो वे फिर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उनका कहना है कि नियमित और पर्याप्त पानी मिलना उनकी पहली मांग है।

