लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों (ग्रेड-ए) को बुधवार को लोकभवन में नियुक्ति पत्र प्रदान किए। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं और पारदर्शी भर्ती को ससमय पूरा करने के लिए भर्ती बोर्ड को धन्यवाद दिया।
सीएम ने कहा कि आप सभी प्रधानमंत्री मोदी जी के ‘विकसित भारत’ विजन को बढ़ाने के सारथी हैं। इसके लिए आत्म अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है और आप इसे बनाए रखेंगे। ड्यूटी के प्रति सजगता और हर कार्य में गंभीरता होनी चाहिए। ड्यूटी के दौरान रील बनाना अनुशासनहीनता है। ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे हंसी का पात्र बनना पड़े। सीएम ने विश्वास जताया कि सभी नवचयनित अभ्यर्थी यूपी पुलिस की आधुनिक तकनीक एवं सुरक्षा मानकों आदि की जानकारी के साथ टीम भावना, पारदर्शिता, निष्पक्षता के साथ अच्छा परफॉरमेंस देंगे।
यूपी पुलिस ने देश में बनाई नई पहचान
सीएम ने कहा कि यूपी पुलिस ने जनसेवा को केंद्र में रखा तो देश में निखर गई। अब कोई यूपी पुलिस पर अंगुली नहीं उठाता। कालचक्र की परवाह किए बिना व्यक्ति अनिर्णय का शिकार होता है और अंततः बिखऱ जाता है। यूपी पुलिस की नई पहचान सिर्फ संख्या बल के आधार पर नहीं है। पीएम मोदी की अपेक्षा पर सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यूपी पुलिस ने 9 साल में जिस त्वरित गति से काम किया, वह मॉडल पुलिसिंग का उदाहरण बना है। नवचयनित कार्मिकों की स्मार्ट पुलिस व डिजिटल वॉरियर्स के रूप में बड़ी भूमिका होने जा रही है।
अभिभावकों से पूछिएगा- 2017 के पहले कैसा था यूपी
सीएम ने नवचयनित अभ्यर्थियों से 2017 के पहले के यूपी की चर्चा की और कहा कि उस समय आप सभी माता-पिता पर आश्रित रहे होंगे। उस उम्र में बहुत चिंता भी नहीं होती है, परंतु 10 वर्ष पहले पत्र-पत्रिकाओं, अखबारों की कतरनों का अवलोकन कीजिए, अभिभावकों व गुरुजनों से पूछिए कि 2017 के पहले का उत्तर प्रदेश कैसा था, कानून व्यवस्था कैसी थी? प्रदेश के बारे में, पुलिस के बारे में जनता की धारणा क्या थी? औसतन हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था। उत्सव के पहले उपद्रव होता था, महीनों कर्फ्यू लगता था, लेकिन अब हर किसी को सुरक्षा मिल रही है। 9 वर्ष से यूपी में कहीं कर्फ्यू नहीं लगा।
अब यूपी रेंग नहीं, बल्कि दौड़ रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पीड के साथ चले, तब परिणाम आय़ा। जब कदम उठाएंगे तो आलोचना होगी, लेकिन उससे घबराए बिना बढ़ना पड़ेगा। जिस पुलिस के जवान के भरोसे हम इतनी बड़ी आबादी को सुरक्षा की गारंटी देते हैं। वह सर्दी, गर्मी व बरसात में टूटी बैरकों में रहता था। उसकी समस्या/सुविधा का ध्यान नहीं रखा जाता था, लेकिन आज 56 जनपदों में सबसे हाईराइज बिल्डिंग यूपी पुलिस की बैरक ही होगी। ये जनपद बताते हैं कि प्रदेश अब रेंग नहीं रहा, बल्कि दौड़ रहा है।
अब टॉप या दूसरे नंबर पर रहता है यूपी
सीएम ने कहा कि यूपी अब बीमारू राज्य नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना है। टॉप-3 में अब यूपी का नाम आता है। अब भारत सरकार की हर स्कीम में यूपी नंबर-1 या नंबर-2 पर रहता है। सामूहिक प्रयास से ही परिणाम आएंगे। इस यूपी को पहचान दिलाने में आपको भी अपने फील्ड में उत्कृष्ट कार्य करना है।
इस अवसर पर वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, पुलिस महानिदेशक (कारागार) पीसी मीणा, पुलिस महानिदेशक (भर्ती बोर्ड) एसबी शिरडकर, एडीजी (तकनीकी सेवाएं) नवीन अरोड़ा आदि मौजूद रहे।

