Friday, January 23, 2026
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CM सैनी ने किसानों एवं उद्योगपतियों के लिए की 2 बड़ी घोषणाएं, प्रदेश में बनेंगे स्मार्ट एग्रीकल्चर तथा स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन  

चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों एवं उद्योगपतियों के हित में दो बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य में एक स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन तथा एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल जोन बनाया जाएगा, जहां किसानों एवं उद्योगपतियों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी।

मुख्यमंत्री उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की गत वर्ष के बजट में की गई घोषणाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने आईएमटी मानेसर, बावल तथा कुंडली में फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों के लिए डॉर्मिट्रीज़ तथा सिंगल रूम यूनिट्स के कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस भी औद्योगिक क्षेत्र में वहां कार्यरत मजदूरों के लिए आवासीय जरुरत हो, वहां संबंधित इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से विचार -विमर्श कर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने की योजना तैयार करें। इससे जहां मजदूरों को उद्योग के नजदीक सस्ती आवासीय सुविधा मिलेगी, वहीं उनके कार्य में भी गुणवत्ता आएगी।

बैठक में जानकारी दी गई कि “गुड गवर्नेंस डे” के दिन गत 25 दिसंबर, 2025 को कम से कम 50 फैक्ट्रियों वाली जिन अवैध कॉलोनियों को रेगुलर करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के जिस पोर्टल को लांच किया गया था, उसके सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। उद्योगपति अपनी यूनिट को उक्त पोर्टल पर रजिस्टर कर रहे हैं। इन कॉलोनियों के नियमित होने पर उद्योगपतियों को जहां विभिन्न योजनाओं का समय पर लाभ मिल सकेगा, वहीं अलग -अलग विभागों की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए दफ़्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री द्वारा पिछले वर्ष के बजट में की गई घोषणा को मूर्त रूप देते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा अलॉट (राज्य के विभिन्न इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में ) किये गए प्लॉट्स के मालिकों की लंबित समस्या का निराकरण कर दिया गया है। इन प्लॉट्स का पूरा कण्ट्रोल अब एचएसआईआईडीसी को दे दिया गया है। इसमें  इंडस्ट्रियल प्लॉट को एचएसवीपी से एचएसआईआईडीसी को ट्रांसफर करने के मामले में “ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट”, “प्रोजेक्ट कम्प्लीशन सर्टिफिकेट” आदि को प्राप्त करने में इन उद्योगों के मालिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। राज्य सरकार के फैसले से प्रदेश के उद्योगपतियों को बहुत बड़ी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री को यह भी जानकारी दी गई कि पिछले बजट में वित्त मंत्री के नाते ईएसआईसी अस्पताल/ डिस्पेंसरी खोलने के लिए प्लॉट देने के मामले में रियायत देने की घोषणा को पूरा कर दिया गया है। अब भविष्य में एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, पंचायत तथा दूसरे सरकारी विभागों से ईएसआईसी अस्पताल/ डिस्पेंसरी खोलने के लिए जो जमीन ली जाएगी, वह 75 फीसदी सस्ती दरों पर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री को बताया गया कि “हरियाणा आत्मनिर्भर टेक्सटाइल पॉलिसी 2022 -25” की अवधि एक वर्ष तक यानि दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसके अलावा,  मुख्यमंत्री ने कई वर्ष पहले बनाए गए औद्योगिक क्षेत्रों, जोकि शहरी आबादी के बीच में आ गए हैं, उनमें सीवर, सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट जैसे ढांचों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी इंडस्ट्रियल एस्टेट्स में स्टार्टअप्स को रियायती दरों पर काम करवाने की सुविधा देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि आईएमटी मानेसर में “एआई तथा क्वांटम कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी” तथा आईएमटी खरखौदा में “इलेक्ट्रिक व्हीकल तथा ऑटोमोटिव सेक्टर” के प्रस्तावित इन्क्यूबेशन सेंटर हेतु जमीन चिह्नित कर ली गई है। दूसरे स्थानों पर भी इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने के लिए प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 10 नए आईएमटी बनाने, “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट कार्यक्रम”, आईएमटी मानेसर में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर जीरो वाटर वेस्टेज इंडस्टियल एरिया” को विकसित करने, आईएमटी खरखौदा का विस्तार करने, अम्बाला में आईएमटी स्थापित करने के प्रथम चरण, महेंद्रगढ़ जिला में आईएमटी स्थापित करने, मेक इन इंडिया की तर्ज पर “मेक इन हरियाणा” कार्यक्रम बनाने, गुरुग्राम में कल्चरल सेंटर का निर्माण करने जैसी बजट की घोषणाओं की समीक्षा करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने संकल्प – पत्र की घोषणाओं की भी विस्तार से समीक्षा की और सभी घोषणाओं को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल तथा महानिदेशक यश गर्ग, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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