चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को ‘हैंडबुक फॉर एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स’ का विमोचन किया। यह पुस्तक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) डॉ. के.के. खंडेलवाल और हरियाणा सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह द्वारा लिखी गई है।
हरियाणा आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के तत्वाधान में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इस मौके पर हरियाणा आईएएस ऑफिसर एसोसिएशन के सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी को स्मृति चिन्ह भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर को राज्य की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था के लिए सार्थक बताते हुए कहा कि यह साधारण समारोह नहीं है बल्कि यह विचारों का उत्सव है। जब एक पुस्तक लिखी जाती है तो वह केवल शब्दों का संगम नहीं होता बल्कि वह लेखक की सोच, उसकी साधना और उसकी संवेदनाओं का संगम होता है। पुस्तक केवल लाइब्रेरी की शोभा ही नहीं बनती, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों का एक मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के पवित्र संविधान को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।
सीएम सैनी ने कहा कि आज का यह विमोचन इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि यह पुस्तक ऐसे समय में प्रकाशित हो रही है, जब देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था में एक नया अध्याय आरम्भ हुआ है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता – 2023 ने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड, 1973 का स्थान लिया है। यह परिवर्तन न्याय प्रक्रिया को तेज, सरल, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया एक निर्णायक कदम है।
यह पुस्तक फील्ड अधिकारियों के लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ : सुधीर राजपाल
अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने कहा कि नए अधिकारियों को जब अचानक फील्ड में या कार्यालय में जटिल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, तब उन्हें एक ऐसी पुस्तक की आवश्यकता होती है जो उनके लिए ‘वन-स्टॉप सॉल्यूशन’ का कार्य करे। यह पुस्तक उसी सोच का परिणाम है कि वरिष्ठ अधिकारी अपनी टीम को मजबूत बनाने और हर कदम पर मार्गदर्शन देने के लिए कैसे साथ खड़े रहें। मुख्यमंत्री ने भी हमें सिखाया है कि एक टीम की भावना के साथ पूरे हरियाणा को आगे बढ़ाना है। इसी सोच के अंतर्गत इस पुस्तक का विमोचन किया गया है, जो अधिकारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी और अधिकारियों को उनके करियर के हर चरण में मार्गदर्शन प्रदान करती रहेगी।
एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट्स हैंडबुक हर युवा और कार्यरत अधिकारी के लिए एक जीवंत मार्गदर्शिका के रूप में काम करेगी – डॉ. के.के. खंडेलवाल
पुस्तक के लेखक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) डॉ. के.के. खंडेलवाल ने पुस्तक के उद्देश्य और इसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री का आगमन सभी अधिकारियों के लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि गहरी प्रेरणा का क्षण है। मुख्यमंत्री की सरलता, जनसेवा के प्रति निष्ठा और नेतृत्व क्षमता प्रशासनिक तंत्र के लिए सदैव एक मिसाल रही है।
डॉ. खंडेलवाल ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ एक पुस्तक के विमोचन का अवसर नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक अनुभवों, जिम्मेदारियों और जनता की सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को पुनः स्मरण करने का अवसर भी है। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक केवल एक हैंडबुक नहीं, बल्कि वर्षों के अनुभव, चुनौतियों और सीखों की यात्रा का संकलन है। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता 2023 लागू होने के बाद फील्ड प्रशासन की भूमिका में कई नई परिस्थितियां और जिम्मेदारियां सामने आई हैं। ऐसे समय में एक ऐसी संदर्भ पुस्तक की आवश्यकता महसूस की गई जो व्यावहारिक, सरल, और फील्ड में कार्यरत अधिकारियों को तुरंत मार्गदर्शन देने वाली हो। इस पुस्तक को तैयार करते समय मुख्य प्रयास रहा कि यह हर युवा और कार्यरत अधिकारी के लिए एक जीवंत मार्गदर्शिका के रूप में काम करे, जिसे वे फील्ड में निर्णय लेते समय तुरंत उपयोग कर सकें। यह पुस्तक प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और फील्ड स्तर पर त्वरित निर्णय लेने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगी।
एक अधिकारी का धैर्य, अनुभव और विवेक सही निर्णय का आधार बनते हैं : ए.के. सिंह
पुस्तक के लेखक व हरियाणा सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह ने कहा कि वास्तविक ज्ञान केवल पुस्तकों से नहीं, बल्कि अनुभव और तजुर्बे से आता है। एक अधिकारी के भीतर धैर्य, स्फूर्ति और विवेक का होना सबसे आवश्यक गुण हैं, क्योंकि हर परिस्थिति में केवल कानून की जानकारी पर्याप्त नहीं होती। जब कानून स्थिति को पूरी तरह परिभाषित नहीं कर पाता, तब अधिकारी का धैर्य, अनुभव से विकसित विवेक और मौके पर उसकी तैयारी ही सही निर्णय का आधार बनते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पुस्तक नए अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी, क्योंकि यह उन्हें नए कानूनों की समझ तो देगी ही, साथ ही व्यावहारिक परिस्थितियों में बेहतर निर्णय लेने के लिए मार्गदर्शन भी प्रदान करेगी।
यह पुस्तक नए अधिकारियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी : डॉ. अमित अग्रवाल
हरियाणा आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री सैनी तथा अन्य विशिष्ट अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पुस्तक नए अधिकारियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी और उन्हें अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में निरंतर प्रेरणा व दिशा प्रदान करती रहेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, पूर्व मुख्य सचिव डी एस ढेसी, आईएएस अधिकारी (सेवानिवृत्त) धीरा खंडेलवाल सहित हरियाणा सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

