MP Board Result 2025: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के वार्षिक परिणाम समय पर घोषित हों. उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए बिजली, पंखा, स्वच्छ और शीतल पेयजल और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था की जाए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल की कोई भी बिल्डिंग जर्जर हालत में ना पायी जाए. स्कूल में ऐसा माहौल बनाया जाए ताकि बच्चे खुशी-खुशी पढ़ने के लिए स्कूल में पहुंचे. कन्या छात्रावास में महिला अधिकारी की नियुक्ति, स्कूलों में मध्याह्न भोजन का प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए.
MP Board Result 2025: मई के प्रथम सप्ताह में बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देशित किया कि मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के वार्षिक परिणाम समय पर घोषित किए जायें. खबर है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा इस वर्ष आगामी मई माह के प्रथम सप्ताह में ही रिजल्ट घोषित करने की तैयारी की जा रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाईयों तक ले जाने के लिए हमारी सरकार स्कूलों में आधारभूत संरचनाओं और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध होकर प्रयासरत है. स्कूलों में आर्थिक या व्यवस्थागत सुधार में मदद करने वालों का सरकार सम्मान करेगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए हमने विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 3000 करोड़ रुपए अधिक बजट का प्रावधान किया है. हम अपनी शिक्षा व्यवस्था में तमाम जरूरी सुधार लाने की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेंगे.
नैतिक शिक्षा देने के लिए उचित प्रबंधन
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्राथमिक स्कूल स्तर से ही बच्चों को आदर्श पारिवारिक मूल्यों की नैतिक शिक्षा देने के लिए उचित प्रबंध करने पर विशेष जोर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए विद्या भारती, गायत्री परिवार और आर्ट ऑफ लिविंग जैसी संस्थाओं को प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों से जोड़ा जाए. बाल्यकाल में प्राथमिक कक्षा से ही विद्यार्थियों में संस्कारों के विकास का क्रम जारी रहना चाहिए.
साल में दो बार परीक्षा
बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रबंधन अधिकारियों ने बैठक में मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि 266 संवेदनशील केंद्रों पर जैमर लगाकर मोबाइल के माध्यम से नकेल कसी गई. नकल और पेपर लीक जैसी घटनाएं रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर पहले से ज्यादा सतर्कता बरती गई.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत साल में दो बार परीक्षा आयोजित की जायेगी जिससे असफल होने वाले विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलेगा और उनके रिजल्ट में सुधार आएगा, साल भी खराब होने से बचेगा. वर्ष के अंत में विद्यार्थियों को अंतिम परीक्षा की अंकसूची मिलेगी.