हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ कुलदीप सिंह ने कहा कि सभी जिला सिविल सर्जन अपने-अपने क्षेत्र के उन गांवों पर फोकस करें जिन गांवों में लड़कियों का अनुपात लड़कों की तुलना में काफी कम है। ऐसे गांव में अगर कोई लिंग जांच करवाने वाले असामाजिक व्यक्ति सक्रिय हैं तो उनकी सूचना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में अवश्य दी जानी चाहिए।
डॉ कुलदीप सिंह लिंगानुपात में सुधार के लिए गठित की गई “स्पेशल टॉस्क फ़ोर्स” की साप्ताहिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
डॉ कुलदीप सिंह ने जिला सिविल सर्जनों को अवैध तौर पर एमटीपी किट बेचने वालों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो भी अधिकारी लिंगानुपात के संतुलन बनाने में बेहतरीन योगदान देंगे उनको सम्मानित करने के लिए राज्य सरकार को सिफारिश भी की जाएगी। इस अवसर पर एसटीएफ के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
डॉ कुलदीप सिंह ने जिला स्तर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकारी अस्पतालों, जिला एवं तहसील स्तर के सचिवालयों एवं अन्य भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर मैप बना कर उन गांवों को विशेष रंग से प्रदर्शित करें जिन गांवों में लिंगानुपात की दर काफी कम है। इससे गांव के सभी मौजिज लोगों को अपने गांव में लिंगानुपात की दर बढ़ाने के लिए प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उन जिला के सिविल सर्जनों तथा पीएनडीटी के नोडल ऑफिसर्स से भी बात की , जिन जिलों में लड़कियों के लिंगानुपात की दर 900 से कम है। उन्होंने गत वर्ष लिंगानुपात की जांच करने वाले संभावित ठिकानों पर रैड न करने वाले तथा बहुत कम करने वाले अधिकारियों से भी जवाब तलबी की और चालू माह जनवरी 2026 में अधिक से अधिक रैड करने के निर्देश दिए।

