हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह पहली सरकार है जो प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होने पर प्रभावित किसानों को शत-प्रतिशत मुआवजा किसान के खातों में पहुंचाने का काम किया है। उसी तर्ज पर राज्य सरकार भी किसानों को मुआवजा प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में वीरवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक बलराम दांगी द्वारा मुआवजे के संबंध में पूछे गए प्रश्न का जवाब दे रहे थे। श्री नायब सिंह सैनी ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने महम विधानसभा क्षेत्र के गांवों के किसानों को लगभग साढ़े 6 करोड़ रुपये मुआवजे के तौर पर वितरित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन में पटवारी गांव में जाकर चौपाल पर बैठ जाता था और कुछ किसानों का नाम लिख लेता था। बाकी किसान केवल उम्मीद लगाए रह जाते थे। इनके समय में ऐसा सिस्टम था। परंतु वर्तमान सरकार ने पटवारियों की जिम्मेदारी तय की है और उन पर कार्रवाई भी की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पटवारी की जिम्मेदारी तय की है कि अगर किसी किसान की फसल का खराबा हुआ है तो उसकी शत-प्रतिशत सूचना सरकार को लिखित में देगा। इतना ही नहीं, मुआवजा के लिए अलग स्लैब बनाई है और पूरा मुआवजा किसानों को देने का काम कर रहे हैं।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि अगर किसी की गलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और यदि कोई किसान बचा है तो मुआवजा उसे पहुंचाने का काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर जताई चिंता
वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा विधानसभा में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की और इसके उपयोग को कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में सिंगल यूज़ प्लास्टिक को बंद करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए हम सभी जनप्रतिनिधियों को आमजन को इसके बारे में जागरूक करना होगा कि प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि प्लास्टिक के उपयोग से कैंसर जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने सदन के माध्यम से सभी सदस्यों से आग्रह किया कि इस विषय पर हम सभी को आगे बढ़कर काम करना चाहिए और इसके लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

