कविता. रोहतक : शहर का सड़क नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। नए फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड और चौड़ी सड़कें बनने से सफर आसान जरूर हुआ है, लेकिन कुछ चौराहे और बाईपास ऐसे हैं जहां हर दिन हादसों का खतरा बना रहता है।
दिल्ली बाईपास, रुपया चौक, आईएमटी चौक, शीला बाईपास पुल के दोनों ओर, शांतमई चौक, खरावड़ बाईपास, एलिवेटेड रोड और उसके आगे वाला चौक अब ऐसे स्थान बन चुके हैं जिन्हें लोग ‘एक्सीडेंट हॉट स्पॉट’ के रूप में पहचानने लगे हैं।
कहीं तेज रफ्तार मौत बन रही है तो कहीं गलत कट, कहीं भारी वाहनों की आवाजाही और कहीं ट्रैफिक अनुशासन की कमी हादसों की बड़ी वजह बन रही है।
जहां सड़क नहीं, हर पल परीक्षा है
रोहतक के सबसे व्यस्त चौराहों और बाईपास पर सुबह से देर रात तक हजारों वाहन गुजरते हैं। दिल्ली बाईपास, रुपया चौक और आईएमटी चौक पर शहर और हाईवे का ट्रैफिक एक साथ मिलने से अक्सर टकराव की स्थिति बनती है। वहीं खरावड़ बाईपास और एलिवेटेड रोड के आसपास तेज रफ्तार वाहन अचानक लेन बदलते हैं, जिससे मामूली चूक भी बड़े हादसे में बदल जाती है। शीला बाईपास पुल के दोनों ओर और शांतमई चौक पर भी कई बार लापरवाही जानलेवा साबित होती है।
आखिर क्यों बन रहे हैं ये ‘हॉट स्पॉट’
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश दुर्घटनाओं की वजह ओवरस्पीड, गलत दिशा में वाहन चलाना, बिना इंडिकेटर कट लेना, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और भारी वाहनों का दबाव है। कई स्थानों पर स्पष्ट संकेतक, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, स्पीड कंट्रोल और ट्रैफिक प्रबंधन की कमी भी जोखिम बढ़ाती है। कुछ जगहों पर अचानक आने वाले कट और जंक्शन भी चालकों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं देते।
सबसे बड़ा ‘हॉट स्पॉट’ बना खरावड़ बाईपास
रोहतक के सभी एक्सीडेंट हॉट स्पॉट में खरावड़ बाईपास सबसे ज्यादा चिंताजनक माना जा रहा है। यहां लगभग हर दूसरे-तीसरे दिन किसी न किसी सड़क हादसे की खबर सामने आ जाती है। तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही, भारी ट्रैफिक, अचानक कट, नियमों की अनदेखी और लापरवाही के कारण यह इलाका लगातार हादसों का केंद्र बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार छोटे हादसे भी बड़े जानलेवा हादसों में बदल जाते हैं। उनका मानना है कि यदि यहां ट्रैफिक प्रबंधन मजबूत किया जाए, स्पीड कंट्रोल के प्रभावी इंतजाम हों और पुलिस की नियमित निगरानी रहे, तो दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। इसी तरह दिल्ली बाईपास, रुपया चौक, आईएमटी चौक, शीला बाईपास पुल और एलिवेटेड रोड के आसपास भी आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे इन स्थानों को भी शहर के प्रमुख एक्सीडेंट हॉट स्पॉट माना जाता है।
प्रशासन क्या करे
- सभी एक्सीडेंट हॉट स्पॉट का रोड सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
- खतरनाक चौराहों पर स्पीड कैमरे और रेड लाइट कैमरे लगाए जाएं।
- जहां जरूरत हो वहां रंबल स्ट्रिप, कैट-आई और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं।
- खराब या भ्रमित करने वाले कटों को बंद या पुनर्गठित किया जाए।
- रात के समय बेहतर दृश्यता के लिए हाई-मास्ट और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाई जाए।
- व्यस्त समय में ट्रैफिक पुलिस की नियमित तैनाती की जाए।
- ओवरस्पीड, रॉन्ग साइड और रेड लाइट जंप करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
- समय-समय पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
राहगीर और वाहन चालक रखें इन बातों का ध्यान
- तय गति सीमा का पालन करें।
- बाइक पर हेलमेट और कार में सीट बेल्ट जरूर लगाएं।
- वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
- बिना इंडिकेटर दिए कट या लेन न बदलें।
- चौराहों और बाईपास पर जल्दबाजी से बचें।
- भारी वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- रेड लाइट और ट्रैफिक संकेतों का पूरी तरह पालन करें।
- बारिश, धुंध या रात में धीमी गति और अतिरिक्त सतर्कता बरतें।

