Arjun Bhati भारतीय गोल्फर के रूप में अपनी खास पहचान बना रहे हैं। अर्जुन भाटी को हाल ही में नेशनल यूथ अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि वे इस उपलब्धि पर खुश और कृतज्ञ हैं। उन्होंने इसे अपने करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया और अब उनका लक्ष्य ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतना है।
गोल्फ में 11 साल का सफर
भाटी ने बताया कि उन्होंने 9 साल की उम्र में स्कूल में पहली बार गोल्फ खेला था और पिछले 11 वर्षों से इस खेल में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा, “यह पुरस्कार मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत बड़ी बात है। मेरे प्रयासों का फल मिला है।”
प्रेरणा स्रोत: टाइगर वुड्स और विराट कोहली
भाटी ने कहा कि टाइगर वुड्स उनके लिए लंबे समय से प्रेरणा रहे हैं, लेकिन भारतीय खेल जगत में वे विराट कोहली को बेहद पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे विराट कोहली का समर्पण, फिटनेस, मानसिकता और खेल के प्रति उनका दृष्टिकोण बहुत प्रेरित करता है। वे बहुत ईमानदार और दयालु इंसान हैं।”
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विराट कोहली फाउंडेशन की सराहना
भाटी ने विराट कोहली फाउंडेशन की भी सराहना की, जो विभिन्न खेलों के लगभग 40 युवा खिलाड़ियों की मदद करता है। उन्होंने कहा, “विराट कोहली ने देश के लिए जो किया है, वह काबिले-तारीफ है। मैं उनकी इस पहल की बहुत इज्जत करता हूँ।”
#WATCH | Delhi: On being conferred with National Youth awards, Indian Golfer Arjun Bhati says, "I'm very grateful for this award, and it is a very big thing for my family and me. My efforts have borne fruit… I was nine years old when I played golf for the first time in my… pic.twitter.com/iZ1Ly9Stt4
— ANI (@ANI) April 1, 2025
ओलंपिक स्वर्ण जीतने का सपना
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए भाटी ने कहा कि उनका लक्ष्य भारत के लिए ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतना है। उन्होंने कहा, “मैं हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा हूं, ताकि अपने देश के लिए गोल्ड मेडल ला सकूं”
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नेशनल यूथ अवार्ड: युवाओं को प्रेरित करने का सम्मान
बता दें कि युवा मामलों और खेल मंत्रालय के तहत युवा कार्य विभाग द्वारा दिया जाने वाला नेशनल यूथ अवार्ड उन व्यक्तियों (15-29 वर्ष की उम्र के) और संगठनों को सम्मानित करता है, जिन्होंने स्वास्थ्य, मानवाधिकार, सामाजिक सेवा, नागरिक भागीदारी जैसे क्षेत्रों में बेहतरीन योगदान दिया है। इस पुरस्कार के तहत व्यक्तिगत विजेता को 1,00,000 रुपये, एक पदक और प्रमाण पत्र दिया जाता है, जबकि संगठनों को 3,00,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। ऐसे में अर्जुन भाटी की यह उपलब्धि भारतीय गोल्फ के भविष्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद जगाती है।