Friday, March 6, 2026
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अनुराग ढांडा बोले- हरियाणा में कानून व्यवस्था आईसीयू में पहुंची, CM सैनी पंजाब के राजनीतिक दौरे में व्यस्त

चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा में बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा आज सबसे गंभीर संकट बन चुका है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में 18 वर्ष से अधिक उम्र की 11 हजार से ज्यादा महिलाएं और लगभग 2900 नाबालिग बेटियां लापता हो गईं। यानी कुल मिलाकर लगभग 14 हजार बेटियां गायब हो गईं। यह आंकड़ा अपने आप में भयावह है और भाजपा सरकार के खोखले दावों की पोल खोल देता है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा में औसतन हर दिन लगभग 38 बेटियां लापता हो रही हैं। यह स्थिति केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि कानून व्यवस्था के पूर्ण पतन का प्रमाण है। जिस राज्य में रोज दर्जनों बेटियां गायब हो रही हों, वहां सरकार की प्राथमिकता क्या है, यह सवाल हर परिवार के मन में उठ रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एक तरफ “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के नारे लगाकर राजनीतिक लाभ उठाती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि उसी राज्य में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। अगर हर दिन दर्जनों बेटियां लापता हो रही हैं तो यह केवल अपराध का मामला नहीं बल्कि पूरे तंत्र की विफलता है।अनुराग ढांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार क्या कर रही है? पुलिस के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का बजट दिया गया, लेकिन जमीन पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। पुलिस तंत्र को मजबूत करने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम बेटियों को निशाना बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल लापरवाही का मामला नहीं लगती, बल्कि ऐसा प्रतीत होता है कि अपराधियों को खुली छूट मिल चुकी है। जब कानून का डर खत्म हो जाता है तो अपराधी बेखौफ हो जाते हैं और आज हरियाणा में वही हो रहा है। मानव तस्करी, अपहरण और संगठित अपराध के गंभीर खतरे के बावजूद सरकार की प्राथमिकता केवल दिखावटी घोषणाएं और प्रचार तक सीमित है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि जिन परिवारों की बेटियां लापता हुई हैं, उनका दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। हर दिन सैकड़ों परिवार अपने बच्चों की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन की संवेदनहीनता उन्हें केवल निराशा दे रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को तुरंत इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए। सरकार को बताना चाहिए कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर बेटियां क्यों गायब हो रही हैं, और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

अनुराग ढांडा ने कहा कि अगर राज्य में कानून व्यवस्था की यही हालत रही तो जनता का विश्वास पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। सरकार का पहला कर्तव्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है, लेकिन आज हरियाणा में वही सबसे कमजोर कड़ी बन चुकी है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा की बेटियां किसी राजनीतिक नारे का विषय नहीं बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी हैं। यदि सरकार उन्हें सुरक्षित नहीं रख सकती, तो यह शासन की सबसे बड़ी विफलता मानी जाएगी। राज्य की जनता अब जवाब चाहती है और भाजपा सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा।

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