Sunday, July 26, 2026
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ग्रामीण यूपी में महिलाओं ने किया कमाल, अब तक 3250 करोड़ रुपये का किया रिकॉर्ड बिजली बिल कलेक्शन

उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। सरकार की ‘विद्युत सखी योजना’ ग्रामीण महिलाओं के जीवन में न केवल उजाला ला रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत भी कर रही है।

अब तक इन ग्रामीण महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से 3,250 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल संग्रह कर एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड कायम किया है, जो महिला सशक्तीकरण का एक सशक्त मॉडल बन गया है। प्रदेश में अभी 30 हजार महिलाओं को विद्युत सखी के तौर पर पंजीकृत किया जा चुका है। इनमें से 15 हजार से अधिक महिलाएं पूरी सक्रियता के साथ फील्ड में तैनात होकर घर-घर जाकर बिजली बिल जमा करवा रही हैं।

सरकार की योजना है कि प्रशिक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बाकी बची महिलाओं को भी जल्द ही मैदान में उतार दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण ऊर्जा सेवा में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की जा सके। इस योजना ने महिलाओं के लिए सम्मानजनक आय का एक मजबूत जरिया तैयार किया है।

हजारों ‘दीदियां’ बनीं लखपति

इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत सखियों को दो हजार रुपये तक के बिजली बिल कलेक्शन पर 20 रुपये का कमीशन दिया जाता है, जबकि दो हजार से अधिक के बिल पर एक फीसदी कमीशन मिलता है। इस योजना के जरिए आज गांवों में हजारों ‘दीदियां’ लखपति बन चुकी हैं और समाज व परिवार में उनका मान-सम्मान भी काफी बढ़ा है।

उपभोक्ताओं को सुविधा तो महिलाओं के लिए रोजगार का साधन

उत्तर प्रदेश में इस योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बिजली बिल कलेक्शन एजेंट के रूप में सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इस सफल पहल से जहां एक ओर ग्रामीण उपभोक्ताओं को लंबी लाइनों से छुटकारा मिला है और उनके लिए बिल जमा करना आसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के लिए यह योजना रोजगार का एक बेहतरीन साधन साबित हुई है।

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