Saturday, August 22, 2026
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फार्मर रजिस्ट्री के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर, मुख्यमंत्री योगी ने दिए निर्देश

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि यथाशीघ्र प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष शिविर आयोजित कर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान इस व्यवस्था से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फार्मर रजिस्ट्री को कृषि क्षेत्र में एकीकृत लाभ वितरण प्रणाली के रूप में विकसित कर रही है। इसके अंतर्गत कृषि विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसान को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही पहचान के आधार पर सरल और व्यवस्थित तरीके से प्राप्त हो सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं में यदि लाभार्थियों के नाम या अभिलेखों में कोई त्रुटि अथवा असंगति है तो उसे आधार से लिंक कर प्राथमिकता के आधार पर संशोधित किया जाए। साथ ही प्रत्येक पात्र किसान का किसान पहचान पत्र बनवाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे योजनाओं के लाभ वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए और पात्रता का सत्यापन सुगम हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि विभाग अपनी सभी योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ने के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था निर्धारित समयसीमा में तैयार करे और विभागीय पोर्टल को 01 मई 2026 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाया जाए। इसके माध्यम से लाभार्थियों के चयन और लाभ वितरण की प्रक्रिया को डिजिटल एवं एकीकृत रूप में संचालित किया जा सकेगा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं लघु सिंचाई जैसे सहयोगी विभाग भी अपनी योजनाओं में किसान पहचान पत्र के उपयोग के लिए कृषि विभाग के साथ समन्वय स्थापित करें और 31 मई 2026 तक आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें, ताकि सभी विभागों में एक समान व्यवस्था लागू हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी और लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक जटिलताएं समाप्त होंगी। इससे संसाधनों का लक्षित उपयोग संभव होगा तथा विशेष परिस्थितियों में आवश्यक कृषि इनपुट का वितरण अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

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