चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ विजन को साकार करने और हरियाणा में विदेशी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार लगातार प्रतिबद्धता से काम कर रही है। इसी दिशा में हाल ही में हरियाणा सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने स्वीडन और सिंगापुर का दौरा किया है।
मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ में राज्य सरकार के तीसरे कार्यकाल के 2 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वीडन की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान प्रमुख औद्योगिक कंपनियों के साथ कई बैठकें हुईं। इन बैठकों के दौरान विभिन्न कंपनियों के साथ 4,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए सहमति बनी है। इससे प्रदेश में 11,000 से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देना था।
सिंगापुर दौरे में 5,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले सिंगापुर दौरे के दौरान विभिन्न कंपनियों के साथ 5,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए सहमति बनी। इनमें स्वास्थ्य एवं वेलनेस क्षेत्र में 3,000 करोड़ रुपये, जल उपचार एवं प्रबंधन क्षेत्र में 1,500 करोड़ रुपये और शिक्षा क्षेत्र में 1,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि सिंगापुर की कंपनियों के सहयोग से पंचकूला, करनाल, हिसार, सोनीपत और रोहतक को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) तथा तकनीक आधारित कारोबार के अगले विकास केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे प्रदेश में तकनीक आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में नए अवसर उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी दौरों के दौरान निवेशकों, उद्योगपतियों और राजनयिकों को अप्रैल 2027 में आयोजित होने वाले ‘Happening Haryana Global Investors Summit-2027’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य हरियाणा में निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देना और प्रदेश को औद्योगिक एवं तकनीक आधारित विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में आगे बढ़ाना है।
इस मौके पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी,आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा, आयुक्त एवं सचिव के मकरंद पांडुरंग, मुख्यमंत्री के मीडिया एडवाइजर राजीव जेटली सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

