चण्डीगढ़ : हरियाणा आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुशील गुप्ता ने कहा, हरियाणा में डिजिटल शिक्षा की वास्तविक स्थिति बेहद चिंताजनक है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के लगभग 4900 सरकारी स्कूलों में आज भी इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं है। अनेक विद्यालयों में कंप्यूटर लैब स्थापित तो की गई हैं, लेकिन वे सैनी सरकार की शिक्षा के प्रति निराशा, उपयोग की कमी और अपग्रेडेशन के अभाव में कबाड़ बन चुकी हैं।
यह स्थिति “डिजिटल इंडिया” के संकल्प पर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाती है। जब बच्चों को ऑनलाइन संसाधन, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल सामग्री उपलब्ध नहीं होगी, तो वे प्रतिस्पर्धा में कैसे आगे बढ़ पाएंगे? पड़ोसी राज्यों की तुलना में हरियाणा के सरकारी स्कूलों में केवल 42% में ही स्मार्ट क्लासरूम जो कि पडोसी राज्य पंजाब की 80% संख्या से भी काफी कम है, दूसरा डिजिटल लाइब्रेरी केवल 0.9% स्कूलों में है। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में 31% कम्प्यूटर ही फंक्शनल है बाकि कबाड़ बनने की कगार पर है। इन सभी शिक्षा व्यवस्थाओं की भारी कमी से हरियाणा की सैनी-नित भाजपा सरकार की शैक्षणिक प्राथमिकताओं पर सवाल पर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह है।
इस सबके बावजूद मुख्यमंत्री सैनी हरियाणा भाजपा के कार्यकर्ताओं को लेके पंजाब में जाकर उन्हें पंजाबी बताकर फर्जी ज्वाईनिंग के फटके पहना रहे हैं। क्योंकि पंजाब में भाजपा के साथ जुड़ने के लिए कोई भी तैयार नहीं है। और हरियाणा के युवाओं को रोजगार ने देकर घटिया राजनीति के लिए प्रयोग कर रहे है सैनी, ये फर्जी ज्वाईनिंग करवा कर सीएम सैनी पद की गरिमा की बेकद्री की है।
सुशील गुप्ता ने कहा मैं प्रदेश सरकार से आग्रह करता हूँ कि सभी सरकारी स्कूलों में तत्काल इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए, निष्क्रिय कंप्यूटर लैब और डिजिटल उपकरणों की समीक्षा कर उन्हें कार्यशील बनाया जाए और डिजिटल शिक्षा के लिए पारदर्शी मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाए।

