बिहार: प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में बड़ी सहूलियत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 638 करोड़ 37 लाख की लागत से 6659 खेल मैदान के निर्माणकार्य का उद्घाटन किया। ये खेल मैदान बिहार के 5671 पंचायतों में बनाए जाएंगे, जिसमें 533 प्रखंडों का समावेश है। ग्रामीण विकास विभाग इस परियोजना के तहत मनरेगा के माध्यम से इन खेल मैदानों का निर्माण करेगा और इसके लिए कैबिनेट ने पहले ही मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री ने कैमूर जिले के 170 खेल मैदान का सीएम नीतीश ने ऑनलाइन शिलान्यास किया। इस दौरान कैमूर में मोहनियां की विधायक संगीता कुमारी मौजूद रही। बता दें कि कैमूर जिले के 133 पंचायत में कुल 170 खेल मैदान बनाए जाएंगे।
6659 खेल मैदानों का होगा निर्माण
ये खेल मैदान मनरेगा योजना के तहत खेल प्रतिभा को बढ़ाने को लेकर बनवाए जा रहे हैं। जिसमें प्रत्येक पंचायत में खेल मैदान का वादा नीतीश सरकार ने किया था। बता दें, कि मनरेगा योजना के तहत राज्य के सभी 38 जिलों के, 533 प्रखंडों के, 5671 ग्राम पंचायतों में प्रथम चरण में 6659 खेल मैदानों के निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिसमें कुल 63,827.35 लाख रुपये की राशि सन्निहित है।
खेल विभाग खेल मैदान के लिए स्कूल के बाहर की जमीन कई स्थानों पर चिह्नित की है तो वहीं पंचायत विभाग से भी खेल मैदान के लिए जमीन की जानकारी ली गई है। गया में मनरेगा के तहत 19 प्रखंडों में खेल मैदान विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। जिनमें से कुछ मदैान तैयार भी हो चुके हैं और उसी के आधार पर अब पूरे बिहार में खेल मैदान बनाने का फैसला लिया गया है।
दो चरणों में होगा काम
मनरेगा से दो चरणों में काम पूरा किया जाएगा। पहले चरण में खेल मैदान तैयार कर उस पर ट्रैक और कोर्ट आदि बनाए जाएंगे और कार्य पूरा किए जाने के बाद वहां पर मनरेगा के तहत ही लोगों के बैठने की सुविधा के लिए गैलरी बनाई जाएगी और कुर्सियां लगाई जाएगी। दूसरे चरण में यहां पर गैलरी, कुर्सियां, खिलाड़ियों के कपड़े बदलने के कमरे और स्टोर रूम बनाए जाएंगे, और सभी काम मानक के अनुसार किए जाएंगे।
2025 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने खेल मैदानों के निर्माण का लक्ष्य 2025 तक पूरा करने का रखा है। बिहार सरकार खेल के विकास के लिए पिछले कुछ वर्षों से लगातार काम कर रही है। मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना की भी खूब चर्चा हो रही है। अभी हाल ही में राजगीर में बिहार के पहले खेल विश्वविद्यालय और स्पोर्ट्स अकादमी की भी स्थापना की गई है तो वहीं अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का भी निर्माण किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पैदा होंगे रोजगार के अवसर
खेल मैदान निर्माण कार्य में अनुमानित 41 लाख मानव दिवस का सृजन होगा। खेल मैदान के विकास के फलस्वरूप ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और उत्साहवर्द्धन भी होगा। खेल मैदान विकसित होने से युवाओं के बीच खेल प्रतियोगिताओं और प्रतिस्पर्द्धाओं के मौके उपलब्ध हो सकेंगे। वहीं, खेल मैदान के निर्माण की वजह से ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।