Friday, October 9, 2026
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MDU रोहतक के 25 शोधकर्ता दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक (MDU) के 16 शिक्षक और 9 शोधार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, अमेरिका की ओर से तैयार और एल्सेवियर बीवी द्वारा 7 अक्टूबर 2026 को जारी ‘अपडेटेड साइंस-वाइड ऑथर डेटाबेस ऑफ स्टैंडर्डाइज्ड साइटेशन इंडिकेटर्स’ में एमडीयू के 25 शोधकर्ताओं को वर्ष 2025 में उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है।

कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने इस उपलब्धि पर शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि एमडीयू के 25 शोधकर्ताओं का विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल होना विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। यह उपलब्धि हमारे शिक्षकों और विद्यार्थियों की शोध के प्रति प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट अकादमिक योगदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और शोधकर्ताओं की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान इसी दिशा में हो रही प्रगति का प्रमाण है।

डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. रणदीप राणा और रजिस्ट्रार प्रो संदीप बंसल ने भी चयनित शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।

  • एमडीयू के चार शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें वर्ष 2025 में उत्कृष्ट शोध योगदान के साथ-साथ अपने पूरे शोध करियर में उल्लेखनीय कार्य के लिए भी शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है। इनमें प्रो. सी.एस. पुंडीर (सेवानिवृत्त), वरिष्ठ प्रो. डॉ. नरसिम्हन बी., प्रो. सर्वजीत सिंह गिल और प्रो. बलजीत सिंह यादव शामिल हैं।
  • वर्ष 2025 में उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए सूची में शामिल एमडीयू के शिक्षकों में प्रो. चंद्रशेखर पुंडीर (सेवानिवृत्त), प्रो. जय प्रकाश यादव (सेवानिवृत्त), प्रो. विनोद बाला, वरिष्ठ प्रो. नरसिम्हन बी., प्रो. हरीश दुरेजा, प्रो. राजेश पूनिया, प्रो. कृष्ण कांत शर्मा, प्रो. देवेंद्र सिंह, प्रो. दीपक कौशिक, प्रो. सुरेंद्र सिंह यादव, प्रो. नवीन कुमार, प्रो. सर्वजीत सिंह गिल, प्रो. अनिल ओहलान, प्रो. दीपक छाबड़ा, प्रो. रामफूल ओहल्याण और डॉ पूनम रेढू शामिल हैं।
  • एमडीयू के 9 विद्यार्थियों ने भी अपने शोध कार्य से अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। इनमें मुकेश, सुरेश और योगेंद्र कुमार, पवन कुमार, ईशा गुप्ता, जितेंद्र कुमार शर्मा, सितेंदर सिंह, नीतू सिंह, कपिशा नेहरा, अनुज दलाल तथा अंजलि हुड्डा शामिल हैं।

एमडीयू के शोध प्रदर्शन में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। वर्ष 2024 में एक वर्ष के उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए विश्वविद्यालय के 13 शिक्षक और 6 विद्यार्थी शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए थे। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 15 शिक्षक और 7 विद्यार्थी हुई, जबकि वर्ष 2026 में 15 शिक्षक और 10 विद्यार्थी इस सूची में जगह बनाने में सफल रहे।

स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर की सूची में वैज्ञानिकों का चयन शोधपत्रों पर प्राप्त उद्धरण, एच-इंडेक्स, सह-लेखक समायोजित एचएम-इंडेक्स और संयुक्त शोध सूचकांक (सी-स्कोर) सहित विभिन्न वैज्ञानिक मानकों के आधार पर किया जाता है। डेटाबेस में दुनिया के वैज्ञानिकों को 20 प्रमुख वैज्ञानिक क्षेत्रों और 174 उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है।

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