- जेएलएन नहर में पानी आने के बाद भी शहर में नहीं सुधरी जलापूर्ति
कविता. रोहतक : जेएलएन नहर में पानी आए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन शहर के कई इलाकों में अब भी नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। गांधी कैंप, पटेल नगर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सुबह केवल 15 मिनट तक ही पानी मिल रहा है। कई बार इस दौरान भी सप्लाई में गंदा और काले रंग का पानी आने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत से जूझ रहे परिवारों को रोजमर्रा के कामकाज के लिए भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर में पानी आने के बाद उम्मीद थी कि जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी, लेकिन हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ। सुबह थोड़ी देर के लिए आने वाले पानी से पूरे दिन की जरूरत पूरी नहीं हो पाती। कई घरों में लोगों को निजी टैंकरों या अन्य स्रोतों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
महिलाओं का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी रसोई और घरेलू कार्यों में हो रही है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार सप्लाई में काले रंग का दूषित पानी आता है, जिससे उसका उपयोग करने में डर लगता है। ऐसे पानी से स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बने हुए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि पानी की गुणवत्ता और आपूर्ति दोनों में जल्द सुधार नहीं हुआ तो बीमारी फैलने की आशंका बढ़ सकती है।
क्षेत्रवासियों ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से मांग की है कि जलापूर्ति का समय बढ़ाया जाए और पाइपलाइन की जांच कर गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि जब नहर में पर्याप्त पानी उपलब्ध है तो शहरवासियों को नियमित और स्वच्छ पेयजल मिलना चाहिए।
15 मिनट की सप्लाई से नहीं चल रहा काम
गांधी कैंप और पटेल नगर के अधिकांश परिवारों का कहना है कि सुबह मिलने वाली 15 मिनट की जलापूर्ति पूरे दिन के लिए पर्याप्त नहीं है। पीने, खाना बनाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू जरूरतों के लिए लोगों को अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
काले रंग का पानी बढ़ा रहा चिंता
कई घरों में सप्लाई के दौरान गंदा और काले रंग का पानी आने की शिकायत लगातार मिल रही है। लोगों का कहना है कि ऐसा पानी पीने या घरेलू उपयोग के लिए सुरक्षित नहीं है। विभाग से पाइपलाइन की जांच कराने की मांग की जा रही है।
महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर
घरों में पानी की व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाली महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। सीमित समय की सप्लाई के कारण उन्हें पानी भरने के लिए सुबह जल्दी उठना पड़ता है और कई बार जरूरत पूरी नहीं हो पाती।
टैंकर और बोरवेल का लेना पड़ रहा सहारा
जलापूर्ति प्रभावित होने से यहां काफी परेशानी हो रही है, कुछ लोग आसपास के बोरवेल या हैंडपंप से पानी भरकर ला रहे हैं। इससे लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
लोगों की मांग, जल्द हो नियमित जलापूर्ति
क्षेत्रवासियों रेखा, सुनील, कविता, राजेंद्र, प्रदीप आदि ने प्रशासन और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग से मांग की है कि सभी प्रभावित इलाकों में दोनों समय पर्याप्त और स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
महिलाओं की प्रतिक्रिया
काम अधूरा रह जाता है*
सुबह सिर्फ 15 मिनट पानी आता है। इतने समय में पूरे दिन का पानी भरना संभव नहीं होता। कई बार आधा काम भी अधूरा रह जाता है। –सुनीता देवी (गांधी कैंप)
काले रंग का पानी आ रहा
कई बार सप्लाई में गंदा और काले रंग का पानी आता है। ऐसे पानी का इस्तेमाल करने से डर लगता है। विभाग को तुरंत जांच करनी चाहिए। -रेखा देवी (पटेल नगर)
परेशान होना पड़ रहा
नहर में पानी आने की खबर से उम्मीद जगी थी कि परेशानी खत्म होगी, लेकिन अभी भी हालात पहले जैसे ही हैं। रोज पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।– संतोष देवी (गांधी कैंप)
जल्द समाधान करना चाहिए
घर के सारे काम पानी पर निर्भर हैं। जब समय पर और पर्याप्त पानी नहीं मिलता तो पूरे परिवार को परेशानी उठानी पड़ती है। प्रशासन को जल्द समाधान करना चाहिए।– कमलेश देवी (पटेल नगर)

