कविता.रोहतक : नगर निगम हाउस की बैठक में गुरुवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब महिला पार्षदों ने निगम कमिश्नर पर काम नहीं करने के आरोप लगाते हुए सवालों की बौछार कर दी।
पार्षद अंजू सैनी और डिंपल ने तल्ख अंदाज में कहा कि कमिश्नर काम करने के बजाय अपनी नौकरी के किस्से सुनाते रहते हैं। इस टिप्पणी के बाद सदन में हंगामा खड़ा हो गया।
दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से बैठक में प्रतिनिधि भेजे जाने पर भी पार्षदों ने कड़ा एतराज जताया। बैठक में विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों की घेराबंदी जारी रही। इससे पहले पार्षदों को साधने के लिए मेयर राम अवतार और पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर की ओर से की गई बैठकों का भी कोई खास असर दिखाई नहीं दिया।
महिला पार्षदों का सीधा वार: किस्से नहीं, काम करके दिखाइए
पार्षद अंजू सैनी और डिंपल ने निगम कमिश्नर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारी अपनी नौकरी के किस्से सुनाते रहते हैं, लेकिन धरातल पर काम नहीं हो रहे। महिला पार्षदों के इस तेवर से सदन में माहौल गरमा गया। पार्षदों का जोर इस बात पर रहा कि शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों को जवाब देना चाहिए और लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
हुड्डा के प्रतिनिधि पर सवाल: फिर हमारे पति भी आएंगे
बैठक में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से प्रतिनिधि भेजे जाने का मुद्दा भी विवाद का कारण बन गया। कुछ पार्षदों ने इस पर आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया कि यदि प्रतिनिधि बैठक में आ सकते हैं तो महिला पार्षदों के पति या अन्य प्रतिनिधि भी अगली बैठक में क्यों नहीं आ सकते। इस टिप्पणी के बाद सदन में बहस तेज हो गई। प्रतिनिधित्व के अधिकार और बैठक में किसकी मौजूदगी उचित है, इसे लेकर पार्षदों के बीच तनातनी देखने को मिली।
विकास कार्यों पर अधिकारियों की घेराबंदी
बैठक में पार्षदों ने शहर के विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों को घेर रखा है। पार्षदों की नाराजगी का केंद्र केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि काम की प्रगति और उनके जमीन पर दिखाई देने वाले नतीजे हैं। सदन में उठ रहे सवालों के बीच अधिकारियों से जवाब मांगे जा रहे हैं। बैठक के दौरान विकास कार्यों को लेकर पार्षदों का आक्रामक रुख यह संकेत दे रहा है कि इस बार वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने के मूड में नहीं हैं।
मेयर और ग्रोवर की कवायद बेअसर, सदन में दिखे बागी तेवर
हाउस की बैठक से पहले पार्षदों को एकजुट करने और नाराजगी दूर करने के लिए मेयर राम अवतार और पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर की ओर से बैठकें की गई थीं। उम्मीद थी कि सदन में माहौल शांत रहेगा और विकास के मुद्दों पर चर्चा आगे बढ़ेगी, लेकिन बैठक में हुए हंगामे ने इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए।
महिला पार्षदों की नाराजगी, प्रतिनिधि भेजने पर विवाद और अधिकारियों की घेराबंदी के बीच हाउस की बैठक में राजनीतिक खींचतान खुलकर सामने आ गई। फिलहाल बैठक जारी है और आगे की कार्यवाही पर सबकी नजरें टिकी हैं।

