Wednesday, February 4, 2026
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केंद्रीय बजट से हरियाणा को मिलने वाले लाभ के पहलुओं को मुख्यमंत्री सैनी ने रखा सामने

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही 3.0 केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पेश किया गया दूसरा बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह उस भारत की तस्वीर पेश करता है जो आत्मनिर्भर है, प्रतिस्पर्धी है और सामाजिक रूप से संवेदनशील भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट ‘विकास भी, विश्वास भी’ के सिद्धांत पर आधारित है और हरियाणा जैसे अग्रणी राज्य के लिए इसमें अपार अवसर निहित हैं।

मुख्यमंत्री बुधवार को हरियाणा निवास पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान केंद्रीय बजट 2026–27 की भावना, दिशा और उसके महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपनी बात रखते हुए केंद्र सरकार के बजट का हरियाणा पर पड़ने वाले प्रत्यक्ष प्रभावों को भी बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह बजट उस भारत की सोच को दर्शाता है, जहां विकास का मतलब केवल बड़े शहर नहीं, बल्कि गांव, किसान, महिला, युवा और श्रमिक भी हैं। जहां, अर्थव्यवस्था मजबूत हो, लेकिन समाज का अंतिम व्यक्ति भी सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।

उन्होंने कहा कि इस बजट में विकसित भारत के स्तंभ गरीब, युवा, महिला और किसान को केंद्र में रखा गया है। और यही प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में हमारी विकास नीति का भी मूल मंत्र है। इस बजट का मूल उद्देश्य है, संदेह के स्थान पर एक्शन, दिखावे के स्थान पर सुधार और लोक-लुभावन घोषणाओं के स्थान पर जनहित को प्राथमिकता। सरकार ने इस बजट में लगभग 7 प्रतिशत की उच्च आर्थिक विकास दर को लक्ष्य बनाते हुए राजकोषीय अनुशासन और सामाजिक न्याय, दोनों के बीच संतुलन साधा है।

12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया पूंजीगत व्यय

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेश किए गए बजट में देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को लगभग 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है। यह निवेश सड़कों, रेल, शहरी अवसंरचना, औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करेगा। इसका सीधा लाभ हरियाणा को मिलेगा, क्योंकि हमारा राज्य दिल्ली-एनसीआर, औद्योगिक गलियारों और राष्ट्रीय राजमार्गों का केंद्र है। इस निवेश से न केवल विकास कार्य तेज़ होंगे, बल्कि लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

युवाओं के लिए विशेष योजना बनाई गई है

उन्होंने कहा कि बजट में युवाओं के लिए क्या है? इस पर बड़ी चर्चा हो रही है। केंद्र सरकार हमारे युवाओं को देश की सबसे बड़ी पूंजी मानती है। युवा कौशल विकास व शिक्षा क्षेत्र के लिए 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देश के 1 लाख 50 हजार से अधिक युवाओं को नई उम्र की स्किल्स का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इसलिए, केंद्रीय बजट में कौशल विकास, रोजगार और भविष्य की तकनीकों के लिए 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक और साइबर सिक्योरिटी जैसी तकनीकों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है। इसका सीधा लाभ गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और रोहतक जैसे शैक्षणिक व तकनीकी केंद्रों को मिलेगा, जहां हमारे युवा विश्व-स्तरीय अति-आधुनिक कौशल सीखकर उच्च-आय रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता के लिए भी 7,500 करोड़ रुपये के प्रावधान से हरियाणा का स्टार्टअप इकोसिस्टम और मजबूत होगा। इससे प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और हमारा युवा रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनेगा। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा भारत में स्टार्टअप की संख्या में चौथे बड़े राज्य के रूप में उभरा है। वर्तमान में, हरियाणा में 9,100 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स हैं। प्रदेश में 19 यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। इसके अलावा, 250 से अधिक फॉर्च्यून-500 कंपनियां भी यहां हैं।

उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक खुशी की बात यह है कि लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप महिलाएं चला रही हैं। प्रदेश सरकार ने ने अगले चरण में स्टार्टअप्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। यही नहीं, सरकार नीति आयोग के साथ मिलकर ‘विमेन आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म’ का एक ‘स्टेट चैप्टर’ स्थापित कर रहे हैं। इससे महिला उद्यमियों को 700 से अधिक मेंटर्स, विशेष प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच और इन्क्यूबेशन सहयोग प्राप्त होगा। सरकार ने हरियाणा में ‘हरियाणा राज्य स्टार्टअप नीति-2022’ लागू की है। प्रदेश सरकार स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये का फंड ऑफ फंड्स स्थापित करवाने जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता’ को जोड़ने के लिए उच्चस्तरीय स्थायी समिति का गठन किया गया है। डिजिटल और क्रिएटिव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए देशभर के 15 हजार माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी (AVGC) कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी। आईटी सेवाओं के क्षेत्र में सुरक्षित मार्जिन सीमा को 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये किया गया है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में ‘खेलो इंडिया मिशन’ को एकीकृत प्रतिभा विकास मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक खेल अवसंरचना और तकनीक का समावेश होगा। हरियाणा की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है और यह बजट इस युवा शक्ति को शिक्षा, कौशल, तकनीक और रोजगार से जोड़ने का स्पष्ट रोडमैप देता है। महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए यह बजट सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण का बजट है। सरकार ने महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के केंद्र में लाने के लिए स्वयं सहायता समूहों को सामुदायिक स्तर पर उद्यमिता हाट के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए लगभग 8 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, पोषण और आय-सहायता योजनाओं के लिए 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है।

कृषि को लेकर भी उठाये गए हैं विशेष कदम

उन्होंने कहा कि कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और ग्रामीण उद्यमिता में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए वित्तीय और संस्थागत समर्थन दिया जा रहा है। हरियाणा में स्वयं सहायता समूहों व महिला उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रत्येक जिले में उच्च शिक्षा के STEM संस्थानों में महिला छात्रावासों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। यह प्रयास दर्शाता है कि प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए भी बड़ा अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में यह बजट हरियाणा के लिए एक बड़ा अवसर लेकर आया है। बायोफार्मा शक्ति पहल के अंतर्गत 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान, स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये व मेडिकल टूरिज्म के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का समर्थन दिया गया है। ऐसे में गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक और करनाल जैसे क्षेत्रों में फार्मा क्लस्टर, मेडिकल कॉलेज और आधुनिक अस्पतालों को नई गति मिलेगी। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार भी सृजित होंगे। इनके साथ ही, स्वास्थ्य और देखभाल क्षेत्र में 1 लाख 50 हजार बहु-कुशल केयर गिवर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं होंगी। इससे गुरुग्राम, रोहतक, करनाल और हिसार जैसे शहरों में स्वास्थ्य व केयर सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए यह बजट विशेष रूप से लाभकारी है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए लगभग 1 लाख 62 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पशुपालन और डेयरी के लिए 6 हजार 153 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन, मत्स्य पालन के लिए 2 हजार 500 करोड़ रुपये और पीएम-किसान योजना के तहत 63 हजार 500 करोड़ रुपये की निरंतर सहायता किसानों के लिए बड़ी राहत है।

भारत विस्तार योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसान डिजिटल और ए.आई. आधारित कृषि प्लेटफॉर्म से सीधे जुड़ सकेंगे। उन्हें मौसम, मिट्टी और बाजार की सटीक जानकारी मिलेगी। इससे वे बेहतर निर्णय कर सकेंगे। इसका सीधा असर यह होगा कि उनकी कृषि लागत घटेगी और आय बढ़ेगी। बजट का असर हरियाणा के खेत-खलिहानों में साफ दिखाई देगा। हरियाणा में सिंचाई कवरेज पहले ही 80 प्रतिशत से अधिक है। लेकिन, बजट में जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास से जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य में डेयरी और पशुपालन किसानों की आय का बड़ा आधार है और मत्स्य पालन व डेयरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने से ग्रामीण आय में स्थायी वृद्धि होगी। बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने से दक्षिण हरियाणा और शुष्क क्षेत्रों में किसानों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। एग्रीस्टैक और डिजिटल कृषि से हरियाणा के प्रगतिशील किसान तकनीक के माध्यम से अधिक उत्पादन और बेहतर दाम प्राप्त कर सकेंगे।

केन्द्र सरकार ने बजट में भूमि सुधार के लिए कई प्रावधान किए हैं। हाल ही में, केंद्र सरकार ने राज्यों में भूमि संबंधी सुधारों को बढ़ावा देने के लिए पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के तहत 10 हजार करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है। इसके अलावा, किसानों की रजिस्ट्री बनाने के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की 6 लाख एकड़ जलभराव और खारी भूमि को खेती योग्य बनाने के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। इससे राज्य के हजारों किसानों को लाभ होगा और कृषि उत्पादन बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने उद्योगों के संदर्भ में अपनी बात रखते हुए कहा कि यह बजट हरियाणा के लिए विश्वास और अवसर दोनों लेकर आया है। हरियाणा राज्य पहले से ही ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और टेक्सटाइल के क्षेत्र में अग्रणी है। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट और बायोफार्मा को बढ़ावा देने की योजनाओं से गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे क्षेत्रों में नई निवेश परियोजनाएं आएंगी। इसके साथ ही, 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनर्जीवन का निर्णय पानीपत, यमुनानगर और अंबाला जैसे पारंपरिक औद्योगिक शहरों को नई ऊर्जा देगा। MSME सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की विकास निधि का लाभ हरियाणा के भी लाखों छोटे उद्यमियों और कारीगरों को मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के मामले में हरियाणा इस बजट से और मजबूत होगा। हाई-स्पीड रेल, शहरी आर्थिक क्षेत्रों और टियर-2 व टियर-3 शहरों पर ध्यान देने से रोहतक, हिसार, करनाल, सिरसा और रेवाड़ी जैसे शहरों में रोजगार आधारित शहरीकरण को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली एन.सी.आर. से जुड़े हरियाणा के शहरों में कनेक्टिविटी और रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा। औद्योगिक व लॉजिस्टिक हब के रूप में राज्य की भूमिका और अधिक मजबूत होगी। बजट में ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज पर ज़ोर देने से हरियाणा में सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं का विस्तार होगा। इससे राज्य की ऊर्जा जरूरतें भी पूरी होंगी और पर्यावरण संतुलन भी बना रहेगा।

हरियाणा के मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को सीधे मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिक के लिए यह बजट राहत का बजट है और इसका लाभ हरियाणा के मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को सीधे मिलेगा। टैक्स प्रक्रियाओं में सरलता, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं पर शुल्क में छूट और शिक्षा व इलाज पर खर्च कम होने से परिवारों की जेब पर बोझ घटेगा। डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सेवाओं की डिलीवरी तेज होगी, जिससे हरियाणा में पारदर्शिता और सुशासन को और मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि कर प्रणाली को सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए TDS, TCS में राहत, रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा में लचीलापन और अनुपालन अपराधों के अपराधीकरण को हटाया गया है। कस्टम की डिजिटल सिंगल विंडो से आयात-निर्यात प्रक्रियाएं तेज होंगी और व्यापार करने की लागत भी घटेगी। राज्यों को 1 लाख 40 हजार करोड़ रुपये का अनुदान सहकारी संघवाद को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

रेलवे क्षेत्र में हरियाणा को मजबूती मिलेगी

उन्होंने कहा कि रेलवे क्षेत्र में भी हरियाणा को एक मजबूत और दूरदर्शी रोडमैप मिला है। हरियाणा को 3 हजार 566 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से 315 करोड़ रुपये विशेष रूप से राज्य की प्राथमिक और लक्षित परियोजनाओं के लिए रखे गए हैं। हरियाणा के 34 रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत आधुनिक बनाया जा रहा है। इनमें स्वच्छता, यात्री सुविधा, डिजिटल सेवाएं, दिव्यांगजन-अनुकूल ढांचा और स्थानीय पहचान को विशेष महत्व दिया गया है। यह रेलवे पहल हरियाणा की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ी कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से राज्य की माल परिवहन क्षमता में लगभग 11 गुणा तक वृद्धि होगी। इससे उद्योगों को तेज़ और किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी। किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में सहूलियत होगी और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह रेलवे पुश हरियाणा को एक मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करेगा और ‘विकसित हरियाणा-विकसित भारत’ की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को और सशक्त बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में किये गए प्रावधानों से महान संस्कृति, विरासत और पुरातात्विक महत्व के 15 स्थलों को वैश्विक पहचान मिलेगी। इससे हरियाणा के राखीगढ़ी जैसे स्थलों को भी वैश्विक पहचान मिल सकेगी। उन्होंने 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 से 2031 की अवधि के लिए वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। इसके तहत राज्यों को केंद्रीय करों के विभाज्य पूल से 41 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा, जो पहले की तरह ही बरकरार रखा गया है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय करों हरियाणा राज्य का हिस्सा 1.093 प्रतिशत से बढ़कर 1.361 प्रतिशत हो गया है। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा की तुलना में यह लगभग 24.5 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ोतरी है और अब तक का सबसे अधिक हिस्सा है। इसका सीधा लाभ यह होगा कि वर्ष 2026–27 में हरियाणा को केंद्रीय करों से लगभग 20 हजार 772 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। यह राशि पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान से करीब 5 हजार 547 करोड़ रुपये अधिक है। आने वाले पांच वर्षों में इस बढ़े हुए हिस्से से हरियाणा को लगभग 28 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि 16वें वित्त आयोग की अवधि में हरियाणा को करीब एक लाख करोड़ रुपये केंद्रीय करों से प्राप्त होंगे, जो कि हरियाणा को मिलने वाला अब तक का सबसे ज्यादा फंड है। जबकि, इससे पहले कांग्रेस के शासनकाल में 13वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार प्रदेश को 14 हजार 937 करोड़ रुपये मिले थे। बीजेपी सरकार के शासन काल में 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार 34 हजार 758 करोड़ रुपये तथा 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार प्रदेश को कुल 61 हजार 736 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। यह हरियाणा की आर्थिक मजबूती और केंद्र सरकार के सहयोग का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दे रही है। 16वें वित्त आयोग से मिलने वाले अतिरिक्त संसाधन हरियाणा को और तेज़ी से विकास के पथ पर आगे ले जाने में मदद करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की आर्थिक स्थिति मजबूत है, प्रबंधनीय है और पूरी तरह नियंत्रण में है। हरियाणा सरकार पारदर्शिता, सुशासन और जवाबदेही के साथ प्रदेश को ‘विकसित हरियाणा- विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा रही है। यह बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह बजट हरियाणा के किसान, युवा, महिला, उद्यमी और आम नागरिक, सभी के लिए अवसरों का बजट है। यह बजट विकास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की तैयारी को एक साथ आगे बढ़ाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रस्तुत यह केंद्रीय बजट हरियाणा को और सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

इस मौके पर सूचना, लोक संपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक के.एम.पांडुरंग, मुख्य प्रवक्ता श्री जवाहर यादव, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय भी मौजूद थे।

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