Thursday, February 5, 2026
HomeहरियाणारोहतकMDU Rohtak में बायोगैस प्लांट के लिए हुआ त्रिपक्षीय समझौता

MDU Rohtak में बायोगैस प्लांट के लिए हुआ त्रिपक्षीय समझौता

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक (MDU Rohtak) ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय परिसर में बायोगैस प्लांट की स्थापना एवं संचालन के लिए साहस और नवारम्भव सोशल फाउंडेशन के साथ त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह एमओयू कुलपति सम्मेलन कक्ष में कुलपति प्रो. राजबीर सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

एमडीयू की तरफ से कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने, साहस की तरफ से निदेशक राजबीर सिंह ने और नवारम्भव सोशल फाउंडेशन की तरफ से कुणाल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि यह साझेदारी विश्वविद्यालय परिसर में उत्पन्न जैविक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के साथ-साथ स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और विश्वविद्यालय को हरित परिसर के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत ने बताया कि समझौता ज्ञापन के तहत साहस और नवारम्भव फाउंडेशन विश्वविद्यालय परिसर में उत्पन्न जैविक कचरे से बायोगैस उत्पादन, तकनीकी सहयोग, संचालन एवं जागरूकता गतिविधियों में सहयोग करेंगे। इस परियोजना से स्वच्छ ऊर्जा के उत्पादन के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी सहायता मिलेगी।

कार्यकारी अभियंता जेएस दहिया ने एमओयू बारे ब्रीफिंग दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत केपीएमजी द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के अंतर्गत 80 लाख रुपए की वित्तीय सहायता साहस को प्रदान की जाएगी। साहस द्वारा परियोजना का इम्प्लीमेंटेशन एवं मॉनिटरिंग किया जाएगा, जबकि नवारम्भव सोशल फाउंडेशन ऑन-ग्राउंड एग्जीक्यूशन और बायोगैस प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी निभाएगा।

RELATED NEWS

Most Popular