Haryana News : टीबी मुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए आज राज्य टीबी प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र पंचकूला में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों और उनके परिवारों को पोषण किट प्रदान करने के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के माध्यम से समर्थन जुटाने के उद्देश्य से बुलाई गई थी।
बैठक में इस अभियान को “जनभागीदारी” के रूप में सशक्त करने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी टीबी मरीज पोषण से वंचित न रहे। हरियाणा में इस वर्ष (2025) में लगभग 60,000 पोषण किट की आवश्यकता है।
इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक डॉ. रिपुदमन सिंह ढिल्लों ने की। इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवाएँ के महानिदेशक डॉ. कुलदीप सिंह भी उपस्थित थे।
राज्य टीबी अधिकारी डॉ. राजेश राजू ने एक संक्षिप्त प्रस्तुति दी, जिसमें टीबी मरीजों के लिए पोषण के महत्व को रेखांकित किया गया।
मिशन निदेशक ने सभी प्रतिभागियों से नैतिक कर्तव्य के रूप में अधिकतम टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पोषण की सहायता से मरीजों की रिकवरी में तेजी आती है। डॉ. कुलदीप सिंह ने भी पोषण सहायता के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक समर्थन प्रदान करने पर जोर दिया, ताकि मरीज मानसिक रूप से भी मजबूत महसूस कर सकें।