Thursday, April 25, 2024
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राम रहीम के असली नकली मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई लताड़, कहा- हमारा समय बर्बाद न करें

राम रहीम असली या नकली होने का मामला खत्म, हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज की याचिका, कहा- शिनाख्त करने की मांग पूरी नहीं की जा सकती। साथ ही यह भी कहा कि कोर्ट का समय बर्बाद न करें, अगर अब ऐसी याचिका दायर की तो जुर्माना लगाया जायेगा।

नई दिल्ली। ‘बाबा लव चार्जर’ यानी राम रहीम किसी ना किसी कारण से सुर्खियों में बना रहता है। रोहतक की सुनारिया जेल में बंद गुरमीत राम रहीम को लेकर एक अलग तरह का नया विवाद छिड़ा हुआ है। दरअसल हाल ही में राम रहीम के कुछ समर्थकों ने दावा कर सनसनी मचा दी थी कि यह नकली राम रहीम हैं। इसके बाद डेरा अनुयायी डॉ. मोहित इंसा ने पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की जिसे हाईकोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था। लेकिन याचिकाकर्ता वहीँ नहीं रुका और सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर की थी। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका को ख़ारिज कर दिया है और लताड़ लगाई है कि शिनाख्त करने की मांग पूरी नहीं की जा सकती। साथ ही यह भी कहा कि कोर्ट का समय बर्बाद न करें, अगर अब ऐसी याचिका दायर की तो जुर्माना लगाया जायेगा।

याचिकाकर्ता डॉ. मोहित गुप्ता इंसा

आपको बता दें कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के असली- नकली होने वाला मामला अब खत्म हो गया। सुप्रीम कोर्ट में कल डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम के असली-नकली के दावे पर सुनवाई की गई। याचिका में केंद्र और हरियाणा सरकार को पार्टी बनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने 13 मार्च को यह याचिका खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता मोहित इंसा को कहा कि आर्टिकल 32 के तहत आपकी डिमांड को पूरा नहीं किया जा सकता।

बता दें याचिकाकर्ता ने कोर्ट में डेरा प्रमुख को पेश करके उसकी शिनाख्त करवाने की मांग की थी, क्योंकि उसका दावा था कि राम रहीम नकली है। यह याचिका 12 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी और कोर्ट ने 28 फरवरी को इसे स्वीकार किया था और 13 मार्च को सुनवाई की तिथि तय की थी।

वहीं डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता जितेंद्र खुराना का कहना है कि कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि हमारा वक्त खराब न करें। कोर्ट ने अगली बार जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी। गौरतलब है कि इससे पहले जुलाई 2022 में राम रहीम की पैरोल के समय मोहित इंसा व अन्य 19 लोगों ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में पीएलए दाखिल की थी और इस पर सुनवाई भी हुई थी। हालांकि उस समय सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जमकर सुनाया था।

दरअसल राम रहीम का एक वीडियो देखने के बाद एक समर्थक मीडिया के सामने आया था और कहा था, ‘मुझे पूरा यकीन है कि यह व्यक्ति पिता जी नहीं हैं। यह कोई और हैं क्योंकि इसका स्वभाव, व्यवहार, इसकी चाल-ढाल सब कुछ अलग है।’ हाईकोर्ट की याचिका में कहा गया था, ‘शरीर और आवाज दोनों अलग है। डुप्लीकेट राम रहीम की लंबाई एक इंच बड़ी है। अंगुलियां बड़ी हैं, पैर का पंजा भी बड़ा है। आंख का शेप बदल गया है। आंख की साइज छोटी हो गई है।’

हालांकि पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा था कि इस तरह की याचिका सुनने के लिए कोर्ट नहीं बनी है। कोर्ट ने कहा था कि याचिका में जो आरोप लगाए गए हैं, वे केवल फिल्मों में ही संभव हैं। जज ने कहा था कि ऐसा लगता है कि याचिकाकर्ता ने फिक्शन फिल्म देख ली। कोर्ट ने कहा था कि याचिका दायर करने से पहले याचिकाकर्ताओं को अपना दिमाग भी लगाना चाहिए।

वहीँ मोहित इंसा के खिलाफ डेरा ट्रस्टी ने मानहानि का केस दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में किया है। साथ ही सिरसा की अदालत में मोहित इंसा के खिलाफ उनकी धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दायर किया है। बता दे कि डेरा मैनेजमेंट के खिलाफ डेरा प्रेमियों का एक धड़ा खिलाफ है। फेथ वर्सेज वर्डिक्ट नामक इस पेज पर डेरा प्रेमी प्रबंधन के खिलाफ अपने विचारों का आदान प्रदान करते हैं।

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