Wednesday, March 11, 2026
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“नो स्मोकिंग-डे” पर विशेष : भारत में हर वर्ष लगभग 10 लाख लोगों की मौत तंबाकू से संबंधित बीमारियों के कारण होती है

“नो स्मोकिंग-डे” के अवसर पर स्वास्थ्य हरियाणा के निदेशक एवं वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. ब्रह्मदीप ने लोगों से तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि धूम्रपान और तंबाकू का सेवन विश्वभर में रोकी जा सकने वाली मृत्यु और बीमारियों के प्रमुख कारणों में से एक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार तंबाकू के कारण हर वर्ष लगभग 80 लाख लोगों की मृत्यु होती है, जबकि भारत में ही प्रतिवर्ष 10 लाख से अधिक लोगों की मौत तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है। भारत में लगभग 27 प्रतिशत कैंसर सीधे तंबाकू सेवन से जुड़े होते हैं जिनमें फेफड़ों का कैंसर, मुंह और गले का कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), अस्थमा की गंभीरता में वृद्धि और गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

डॉ. ब्रह्मदीप ने बताया कि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में हृदय रोग का खतरा लगभग 2-4 गुना और फेफड़ों के कैंसर का ख़तरा 20-25 गुना बढ़ जाता है।उन्होंने आगे बताया कि तंबाकू का धुआं केवल धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को ही नहीं बल्कि उसके आसपास मौजूद लोगों—विशेषकर बच्चों और महिलाओं—के स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि धूम्रपान छोड़ने के बाद शरीर में सकारात्मक बदलाव बहुत जल्दी दिखाई देने लगते हैं। 20 मिनट के भीतर रक्तचाप और नाड़ी सामान्य होने लगती है, 12 घंटे के भीतर रक्त में कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर सामान्य हो जाता है और 2 से 12 सप्ताह में फेफड़ों की कार्यक्षमता और रक्त संचार में सुधार होने लगता है। एक वर्ष बाद हृदय रोग का खतरा लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है, पांच वर्ष बाद स्ट्रोक का जोखिम काफी घट जाता है और दस वर्ष बाद फेफड़ों के कैंसर का खतरा लगभग आधा रह जाता है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में प्रदेश के सभी सिविल अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में तंबाकू निषेध (Tobacco Cessation) केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा परामर्श, उपचार और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है।

डॉ. ब्रह्मदीप ने धूम्रपान छोड़ने के इच्छुक लोगों को सलाह दी कि वे एक निश्चित तिथि तय कर दृढ़ संकल्प लें, सिगरेट या तंबाकू उत्पाद अपने आसपास न रखें, इच्छा होने पर गहरी सांस लें या पानी पिएं, किसी अन्य गतिविधि में ध्यान लगाएं, परिवार और मित्रों का सहयोग लें तथा आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर या तंबाकू निषेध केंद्र से परामर्श करें। उन्होंने नियमित व्यायाम, योग और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने की सलाह दी है।

उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे तंबाकू से दूर रहकर स्वस्थ जीवन अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि स्वस्थ और तंबाकू-मुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।

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