Thursday, September 3, 2026
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त्योहारों की मिठास पर मिलावट का साया! पहले मिठाई खाएंगे, बाद में पता चलेगा पास थी या फेल

कविता.रोहतक : त्योहारों की मिठास में मिलावट का कड़वा डर मंडरा रहा है। सितंबर से त्योहारों का सिलसिला शुरू होने जा रहा है और मिठाई से लेकर दूध, खोया, पनीर, घी व अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री तेजी पकड़ने वाली है। बाजार त्योहारों के लिए तैयार हैं, लेकिन खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की सैंपलिंग अभी तक शुरू नहीं हुई। सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर अब सैंपल लिए भी जाते हैं तो उनकी रिपोर्ट आने में लंबा वक्त लग सकता है। ऐसे में त्योहार बीत जाएंगे, लोग मिठाइयां खा चुके होंगे और उसके बाद पता चलेगा कि जो सामान उनकी थाली में पहुंचा, वह जांच में पास था या फेल।

4 सितंबर से शुरू होगा त्योहारों का सिलसिला

सितंबर में त्योहारों की लंबी फेहरिस्त है। 4 सितंबर को जन्माष्टमी, 14 सितंबर को गणपति बप्पा विराजेंगे, इसके बाद अक्टूबर और नवंबर में भी बड़े त्योहारों का सिलसिला जारी रहेगा। ऐसे में अगले तीन महीने मिठाई और खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिहाज से बेहद अहम रहने वाले हैं।

मिठाई की दुकानें सजेंगी, लेकिन निगरानी कहां

त्योहारों के साथ मिठाई की दुकानों पर दूध, खोया, पनीर, घी, तेल, मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री की मांग अचानक बढ़ जाती है। मांग बढ़ने के साथ मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे समय में दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों से नियमित सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच जरूरी है। सवाल यही है कि जब बाजार में त्योहारी बिक्री का दबाव बढ़ने वाला है, तो विभाग की ओर से सैंपलिंग अभियान अभी तक जोर क्यों नहीं पकड़ पाया।

सैंपल लिया भी तो रिपोर्ट आने में लग जाता है लंबा वक्त

सबसे बड़ा सवाल सिर्फ सैंपलिंग का नहीं, बल्कि उसकी जांच रिपोर्ट का भी है। कई बार सैंपल लिए जाने के बाद उसकी रिपोर्ट आने में लंबा समय लग जाता है। ऐसे में यदि त्योहार के दौरान किसी मिठाई या खाद्य पदार्थ का सैंपल लिया गया और उसकी रिपोर्ट कई सप्ताह या महीनों बाद आती है, तो तब तक हजारों लोग वह उत्पाद खा चुके होंगे। रिपोर्ट आने के बाद मिलावट की पुष्टि होने का मतलब होगा कि नुकसान पहले ही हो चुका है।

त्योहार खत्म होने के बाद पता चलेगा मिठाई पास थी या फेल

मान लीजिए त्योहार से कुछ दिन पहले किसी दुकान से मिठाई का सैंपल लिया गया। यदि उसकी जांच रिपोर्ट त्योहार के काफी बाद आती है और उसमें मिलावट मिलती है, तो कार्रवाई का फायदा कितना रह जाएगा। जिस समय उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री की जरूरत है, उसी समय जांच की प्रक्रिया धीमी रहने से मिलावटखोरों को फायदा मिल सकता है। विभाग को ऐसी व्यवस्था पर काम करना चाहिए जिसमें सैंपलिंग के साथ जांच और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया भी तेजी से

तीन महीने त्योहारों के, अब विभाग को दिखानी होगी तेजी

सितंबर से दिसंबर तक लगातार त्योहारों के कारण खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ने वाली है। ऐसे में खाद्य एवं सुरक्षा विभाग को सिर्फ कागजी सैंपलिंग तक सीमित रहने के बजाय बाजार में सक्रिय निगरानी बढ़ानी होगी। मिठाई, दूध, खोया, पनीर, घी, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल समय रहते लिए जाएं और उनकी जांच रिपोर्ट भी जल्द उपलब्ध हो, ताकि मिलावट सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। त्योहारों की खुशी लोगों की सेहत पर भारी न पड़े, इसके लिए विभाग को अब इंतजार नहीं, एक्शन दिखाना होगा।

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