Saturday, June 6, 2026
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गलियों में सीवर का सैलाब, बदबू और बीमारी के बीच जी रहे लोग

  • गलियों में सीवर का सैलाब, बदबू और बीमारी के बीच जी रहे लोग
  • रोहतक की कई कॉलोनियों में हर हफ्ते उफन रहे सीवर
  • स्थायी समाधान नहीं मिलने से बढ़ा लोगों का गुस्सा

कविता.रोहतक : शहर की कई कॉलोनियों में सीवर ओवरफ्लो अब लोगों की रोजमर्रा की सबसे बड़ी परेशानी बन चुका है। बसंत विहार, डीएलएफ कॉलोनी, कबीर कॉलोनी, इंदिरा कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड और आसपास के इलाकों में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि सड़कों और गलियों में गंदा पानी जमा रहना आम बात बन गई है। जगह-जगह सीवर के ढक्कन से गंदा पानी बाहर निकल रहा है, जिससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद सफाई कर्मचारी पहुंचते जरूर हैं, लेकिन सिर्फ ऊपर-ऊपर सफाई कर समस्या को कुछ दिनों के लिए दबा दिया जाता है। थोड़े ही समय बाद सीवर दोबारा जाम हो जाता है और वही हालात बन जाते हैं। लोगों का आरोप है कि वर्षों पुरानी सीवर लाइनें अब जवाब दे चुकी हैं, लेकिन उन्हें बदलने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।

गंदे पानी और बदबू के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। कई स्थानों पर लोग घरों के बाहर बैठना तो दूर, दरवाजे खोलने से भी बच रहे हैं। लगातार जमा पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है।

हर बारिश के बाद बिगड़ जाते हैं हालात

यहां रहने वाली कविता, सुनीता, संतोष, केला, रानी आदि का कहना है कि हल्की बारिश के बाद ही सीवर लाइनें जवाब दे देती हैं। पानी निकासी नहीं होने के कारण गलियां तालाब जैसी नजर आने लगती हैं। कई घरों में गंदा पानी घुसने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। लोगों ने कहा कि बरसात का मौसम शुरू होने से पहले यदि व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो हालात और खराब हो सकते हैं।

पुरानी पाइपलाइन बनी सबसे बड़ी वजह

क्षेत्रवासियों के अनुसार कई कॉलोनियों में दशकों पुरानी सीवर लाइनें आज भी इस्तेमाल हो रही हैं। बढ़ती आबादी के मुकाबले उनकी क्षमता काफी कम पड़ चुकी है। कई जगह पाइपलाइन टूट चुकी है और गाद जमा होने के कारण पानी का बहाव रुक जाता है। लोगों ने मांग की है कि पुराने नेटवर्क का सर्वे कर नई पाइपलाइन बिछाई जाए।

तंग गलियों तक नहीं पहुंच पा रही मशीनें

शहर की कई कॉलोनियों में गलियां इतनी संकरी हैं कि बड़ी सफाई मशीनें अंदर नहीं जा पातीं। ऐसे में कर्मचारियों को हाथों से सफाई करनी पड़ती है, जिससे काम धीमा हो जाता है। कई बार शिकायत के बाद भी दिनों तक सफाई नहीं हो पाती। लोगों ने निगम से छोटी मशीनों और अलग सफाई टीम की व्यवस्था करने की मांग उठाई है।

बदबू से दुकानदारों का कारोबार प्रभावित

सीवर ओवरफ्लो का असर बाजारों और दुकानों पर भी पड़ने लगा है। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी और बदबू के कारण ग्राहक रुकना पसंद नहीं करते। कई जगह दुकानों के सामने पानी जमा रहने से आवाजाही प्रभावित हो रही है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

बीमारी फैलने का खतरा बढ़ा

सिविल अस्पताल के डॉक्टर रोहित कपूर का कहना है कि लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और त्वचा रोग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने लोगों को साफ पानी इस्तेमाल करने और आसपास सफाई रखने की सलाह दी है।

लोगों ने मांगा स्थायी समाधान

क्षेत्रवासियों ने जनस्वास्थ्य विभाग और नगर निगम से मांग की है कि बार-बार अस्थायी सफाई कराने की बजाय स्थायी समाधान निकाला जाए। लोगों का कहना है कि जब तक नई लाइनें नहीं डाली जाएंगी और नियमित मॉनिटरिंग नहीं होगी, तब तक शहर को इस समस्या से राहत नहीं मिल पाएगी।

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