Wednesday, July 22, 2026
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Exclusive : रिटायरमेंट के बाद भी गौड़ ब्राह्मण कॉलेज के प्राचार्य बने रहेंगे डॉ. जयपाल शर्मा

  • हरियाणा सरकार ने गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल को एक वर्ष का पुनर्नियुक्ति आदेश जारी किया

कविता.रोहतक : हरियाणा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज, रोहतक के प्राचार्य डॉ. जयपाल शर्मा को सेवानिवृत्ति के बाद एक वर्ष के लिए पुनर्नियुक्ति (री-एम्प्लॉयमेंट) प्रदान कर दी है।

इस संबंध में 21 जुलाई 2026 को आदेश जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार डॉ. शर्मा 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक या नियमित प्राचार्य की नियुक्ति होने तक, जो भी पहले हो, पद पर बने रहेंगे।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह पुनर्नियुक्ति विभाग की 11 नवंबर 2022 की नीति के तहत दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुनर्नियुक्ति के दौरान हरियाणा सिविल सेवा के आचरण एवं अनुशासन संबंधी सभी नियम लागू रहेंगे। साथ ही सरकार को आवश्यकता पड़ने पर या कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में बिना पूर्व सूचना के पुनर्नियुक्ति समाप्त करने का अधिकार भी रहेगा। कॉलेज प्रबंधन और शिक्षा जगत में इस आदेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. जयपाल शर्मा लंबे समय से कॉलेज के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं। सरकार के इस फैसले से कॉलेज में फिलहाल नेतृत्व की निरंतरता बनी रहेगी।

एक साल के लिए मिली नई जिम्मेदारी

उच्च शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार डॉ. जयपाल शर्मा को 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक पुनर्नियुक्ति दी गई है। यदि इस अवधि से पहले नियमित भर्ती के माध्यम से प्राचार्य की नियुक्ति हो जाती है तो उनकी पुनर्नियुक्ति स्वतः समाप्त हो जाएगी।

2022 की नीति के तहत मिला लाभ

सरकार ने यह पुनर्नियुक्ति 11 नवंबर 2022 को जारी उच्च शिक्षा विभाग की पुनर्नियुक्ति नीति के तहत मंजूर की है। इसी नीति के आधार पर 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पात्र अधिकारियों को निर्धारित शर्तों पर सेवा विस्तार दिया जाता है।

सेवा नियम पूरी तरह रहेंगे लागू

पुनर्नियुक्ति के दौरान डॉ. जयपाल शर्मा पर हरियाणा सिविल सेवा (आचरण) नियम, 2022 और हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2022 पहले की तरह लागू रहेंगे। यानी सेवा के सभी सरकारी नियम और जिम्मेदारियां यथावत रहेंगी।

सरकार कभी भी वापस ले सकती है आदेश

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कार्य या आचरण संतोषजनक नहीं पाया जाता अथवा प्रशासनिक आवश्यकता होती है तो सरकार बिना पूर्व सूचना दिए पुनर्नियुक्ति समाप्त कर सकती है और संबंधित अधिकारी को कार्यमुक्त किया जा सकता है।

कई अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रति

इस आदेश की प्रतियां अतिरिक्त मुख्य सचिव, महानिदेशक उच्च शिक्षा, गौर ब्राह्मण डिग्री कॉलेज के अध्यक्ष, डॉ. जयपाल शर्मा तथा उच्च शिक्षा विभाग की संबंधित शाखाओं को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं। इससे आदेश तत्काल प्रभाव से लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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