कविता.रोहतक : इन दिनों उमस भरी गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से लगातार बिजली कट लग रहे हैं। दिन हो या रात, बिजली गुल होने से घरों और दुकानों में लोग बेहाल हैं। उमस के कारण बिना पंखे और कूलर के रहना मुश्किल हो रहा है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली कटौती की समस्या केवल मॉडल टाउन तक सीमित नहीं है। पुराने शहर के कई इलाकों में भी लोगों को बार-बार बिजली गुल होने की समस्या झेलनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि गर्मी और उमस के इस दौर में बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन इसी समय सप्लाई व्यवस्था लड़खड़ा रही है। अचानक लगने वाले कटों के कारण घरेलू कामकाज के साथ-साथ दुकानदारों और छोटे कारोबारियों का काम भी प्रभावित हो रहा है।
पूरी सर्दी चली मरम्मत, गर्मी में फिर वही हाल
शहरवासियों की सबसे बड़ी नाराजगी इस बात को लेकर है कि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के नाम पर पूरी सर्दी अलग-अलग इलाकों में बिजली कट लगाए गए। कभी लाइनों की मरम्मत तो कभी ट्रांसफार्मरों और अन्य उपकरणों के रखरखाव के नाम पर घंटों बिजली बंद रखी गई। उस समय लोगों को उम्मीद थी कि गर्मी के मौसम में बिजली सप्लाई बेहतर रहेगी, लेकिन अब गर्मी और उमस बढ़ते ही पुराने हालात दोबारा सामने आ गए हैं।
कटौती से घरों से लेकर कारोबार तक प्रभावित
बिजली गुल होने का असर केवल गर्मी से राहत तक सीमित नहीं है। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से घरों में पानी की मोटर चलाना, घरेलू उपकरणों का इस्तेमाल और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। वहीं दुकानों और छोटे कारोबारों में भी कामकाज रुक जाता है। बिजली आने और जाने का कोई निश्चित समय नहीं होने से लोगों के लिए अपनी दिनचर्या व्यवस्थित करना मुश्किल हो रहा है।
लोगों का सवाल- मरम्मत के बाद भी क्यों नहीं सुधरी व्यवस्था
शहरवासियों का कहना है कि अगर पूरी सर्दी बिजली व्यवस्था की मरम्मत और रखरखाव किया गया था तो अब गर्मी और उमस के मौसम में बार-बार कटौती क्यों हो रही है। लोगों की मांग है कि बिजली निगम क्षेत्रवार समस्या की जांच कर स्थायी समाधान करे। अचानक और लंबे बिजली कटों के बजाय सप्लाई व्यवस्था को इस तरह दुरुस्त किया जाए कि लोगों को उमस भरी गर्मी में राहत मिल सके।


