रोहतक : गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में हुए रील एवं शॉर्ट फिल्म स्क्रीनिंग कंपीटिशन में दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। दोनों ही कैटेगिरी, रील व शॉर्ट फिल्म में सुपवा के छात्रों की एंट्री विजेता घोषित हुई। काम्पिटिशन का आयोजन ‘समन्वय-2026 : अंतरराष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संगम – अनुसंधान और अभ्यास के लिए सहयोग’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉंफ्रेंस के दौरान किया गया।
इसका आयोजन गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी विभाग ने इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड अलाइड साइंसिस, नई दिल्ली (इबहास) व गुरुग्राम पुलिस के साथ मिलकर किया। कॉफ्रेंस के तीसरे दिन रील एवं शॉर्ट फिल्म स्क्रीनिंग काम्पिटिशन कराया गया, जिसमें एफटीवी के डायरेक्शन बैच 2022 से छात्र हरदीप सिंह खुंडिया की बनाई रील ने प्रथम स्थान हासिल किया। इसमें दिखाया गया कि परिवार को संभालते-संभालते मानसिक अस्वस्थता एक ग्रहणी को भी हो सकती है और हेल्पलाइन पर अपनी समस्या व भावनाओं की काउंसलिंग लेकर स्वस्थ हो सकते हैं। इस बातचीत व काउंसलिंग को गोपनीय रखा जाता है।
वहीं, विजुअल आर्ट्स डिपार्टमेंट के फर्स्ट ईयर फाउंडेशन के छात्र मयंक सिंह द्वारा बनाई शॉर्ट फिल्म ने भी पहला स्थान हासिल किया। इसमें बताया गया कि कई बार ओवरथिंकिग मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकती है। क्लासमेट से बातचीत न होना, मित्रों के साथ घुलने-मिलने के अभाव में मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। इस शॉर्ट फिल्म को तैयार करने में फाउंडेशन के ही छात्र आयुष, शिवम, सौरभ ने भी अपना योगदान दिया। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी विभाग की चेयरपर्सन व अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस की चेयर एवं कन्वीनर प्रोफेसर (डॉ) गायत्री रैना ने विजेताओं के नामों की घोषणा की। इसके साथ ही डॉ रैना व गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रोफेसर (डॉ) संजय कौशिक ने विजेताओं को सर्टिफिकेट प्रदान किए।
शुक्रवार को रील व शॉर्ट फिल्म तैयार करने वाले छात्रों व उनका मार्गदर्शन करने वाले फैकेल्टी सदस्यों ने रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा से मुलाकात की। डॉ मनोचा ने कहा कि मानसिक स्वस्थता का मौजूदा भागदौड़ भरी जिंदगी में ध्यान रखना बेहद जरूरी है। डीएलसीसुपवा के छात्रों ने दोनों ही कैटेगिरी में पहला स्थान हासिल कर अपने बुलंद इरादों से अवगत करा दिया है। साथ ही उम्मीद जताई कि आगे चलकर ये छात्र यूनिवर्सिटी के साथ ही अपने परिजनों का भी नाम रोशन करेंगे।

