अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं छह बार के नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट रोहित धनखड़ की निर्मम हत्या को लेकर समाज में गहरा शोक, पीड़ा और आक्रोश व्याप्त है। पूरे देश की धनखड़ खापों, सामाजिक संगठनों और 36 बिरादरियों के प्रतिनिधियों ने इस अमानवीय घटना को केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की अस्मिता पर प्रहार बताया है। इसी भावना को मजबूत स्वर देने और न्याय की लड़ाई को संगठित रूप देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय धनखड़ खाप के आह्वान पर 13 दिसंबर को सुबह 11 बजे रोहतक के जाट भवन में एक ऐतिहासिक महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सभी धनखड़ खापें, सामाजिक संगठन, प्रतिष्ठित समाजसेवी और युवा पीढ़ी बड़ी संख्या में एकत्रित होंगे।
9 दिसंबर को रोहित धनखड़ का परिवार, उनके प्रतिनिधि और विभिन्न खापों के प्रमुख सदस्य चंडीगढ़ में हरियाणा के डीजीपी श्री ओ. पी. सिंह से मिले थे। इस मुलाकात में परिवार ने हत्या से जुड़े सभी तथ्य, संदेह और जांच में आ रही बाधाओं को विस्तार से रखा। परिवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रोहित जैसी प्रतिभा और राष्ट्र गौरव खिलाड़ी की हत्या केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि समाज के मनोबल को तोड़ने का षड्यंत्र प्रतीत होती है। डीजीपी ने परिवार की पीड़ा और खापों की चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए तुरन्त प्रशासन को निर्देश दिए तथा यह आश्वासन दिया कि मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाए, जिसके भीतर ठोस प्रगति अवश्य दिखाई जाएगी।
इसी बीच, समाज में यह सहमति बनी कि प्रशासन द्वारा दिए गए समय सीमा तक प्रतीक्षा की जाएगी, लेकिन यदि इस अवधि में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती या अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तो आगामी दिशा और आंदोलन की रणनीति 13 दिसंबर की महापंचायत में सामूहिक रूप से तय की जाएगी। यही कारण है कि यह महापंचायत अब केवल एक बैठक नहीं बल्कि न्याय, आत्मसम्मान और सामाजिक एकता की एक ऐतिहासिक आवाज बन चुकी है।
जाट भवन रोहतक में होने वाली इस महापंचायत में राष्ट्रीय धनखड़ खाप के नेतृत्व में हरियाणा की 12 धनखड़ खाप, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सभी धनखड़ खापें, 36 बिरादरियों के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, वरिष्ठ समाजसेवी तथा रोहित धनखड़ का परिवार एक मंच पर इकठ्ठा होकर आगे की निर्णायक रणनीति पर अपना मत रखेंगे, ताकि प्रदेश में एकता का संदेश जाए और रोहित धनखड़ को न्याय दिलाने की यह सामूहिक मुहिम और भी सशक्त हो सके।

