- अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार की पहल को राज्य स्तर पर मिली मान्यता, प्रत्येक जिला में विकसित होंगी मॉडल बाल वाटिकाएं
जिला रोहतक के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार की परिकल्पना पर आधारित तथा उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में विकसित निपुण वाटिका को हरियाणा सरकार ने पूरे प्रदेश के लिए रेफरेंस मॉडल के रूप में अपनाया है। इसकी सफलता से प्रेरित होकर राज्य सरकार ने सभी जिलों में इसी तर्ज पर मॉडल बाल वाटिकाएं विकसित करने के निर्देश जारी किए हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने बताया कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एचएसएसपीपी) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक जिला में जिला स्तरीय समिति का गठन कर एक मॉडल बाल वाटिका विकसित की जाएगी। इन बाल वाटिकाओं के विकास में रोहतक की निपुण वाटिका को आधार मॉडल के रूप में अपनाया जाएगा, ताकि प्रदेशभर में बच्चों के लिए आधुनिक, आकर्षक एवं बाल-अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार किया जा सके।
नरेंद्र कुमार ने बताया कि रोहतक की निपुण वाटिका का पूर्व में हरियाणा के माननीय राज्यपाल असीम कुमार घोष तथा माननीय शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा द्वारा अवलोकन किया गया था। दोनों गणमान्य व्यक्तियों ने इस नवाचार की सराहना करते हुए इसे प्रारंभिक बाल शिक्षा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट पहल बताया था। अब इसी मॉडल को राज्यभर में लागू किए जाने का निर्णय रोहतक जिला की अभिनव सोच और गुणवत्तापूर्ण कार्य का प्रमाण है।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने बताया कि बाल वाटिका केवल एक सुंदर कक्षा नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव है। आकर्षक, गतिविधि-आधारित एवं प्रिंट-समृद्ध शिक्षण वातावरण बच्चों में जिज्ञासा, सीखने की उत्सुकता तथा विद्यालय के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करता है। ऐसा वातावरण बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अवसर प्रदान करता है और उनके भाषा, संज्ञानात्मक तथा सामाजिक-भावनात्मक विकास को गति देता है।
नरेंद्र कुमार ने बताया कि मॉडल बाल वाटिका का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे के लिए ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जहां वह स्वतंत्र रूप से सीख सके, नई चीजों की खोज कर सके तथा आनंदपूर्वक अपनी प्रारंभिक शिक्षा की मजबूत नींव रख सके। आधुनिक शिक्षण सामग्री, आकर्षक लर्निंग कॉर्नर, गतिविधि-आधारित शिक्षण एवं बाल-केंद्रित कक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार अन्य जिलों के अधिकारी एवं शिक्षक आवश्यकता पड़ने पर रोहतक की निपुण वाटिका का भ्रमण कर इसके डिज़ाइन, लेआउट एवं शिक्षण व्यवस्था का अध्ययन भी कर सकेंगे, जिससे इसकी सर्वोत्तम विशेषताओं को अपने-अपने जिलों में प्रभावी रूप से लागू करने में मदद मिलेगी।
नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन का यह विश्वास है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। साथ ही यह प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, आनंददायक एवं प्रेरणादायी प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी। रोहतक द्वारा विकसित यह नवाचार अब पूरे हरियाणा में प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा।


