Rohtak News : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिला की बरसाती जल निकासी परियोजनाओं पर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त सचिन गुप्ता लघु सचिवालय के सभागार में नगर निगम आयुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा के साथ बरसाती जल निकासी के लिए जिला भर में किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आगामी मानसून सत्र के दौरान रोहतक में शहरी जलभराव रोकने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उपायुक्त ने कहा कि बरसाती जल निकासी के लिए जिला में करोड़ों रुपए की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने एक-एक करके परियोजनाओं के बारे में रिपोर्ट प्राप्त की और आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जल निकासी की व्यवस्था मजबूत करने के लिए अभी हमारे पास पर्याप्त समय है। इसलिए समय से सारे कार्य पूर्ण कर लिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पिछले वर्ष के अनुभव के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक उपायों को प्राथमिकता के आधार पर तथा विभागों के आपसी तालमेल से लागू किया जाए।
बैठक के दौरान पिछले मानसून में सामने आए स्थायी जलभराव वाले स्थलों की लोकेशन-वार समीक्षा की गई। संबंधित विभागों को ड्रेनेज सिस्टम में मौजूद मिसिंग लिंक, कम क्षमता वाली पाइपलाइन, सिल्ट से भरी या अतिक्रमित नालियों, चोक प्वाइंट्स तथा डाउनस्ट्रीम आउटफॉल की समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए गए। जलभराव संभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों को आंतरिक स्टॉर्म वाटर लाइनों से लेकर अंतिम निस्तारण तक हाइड्रोलिक निरंतरता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते उपायुक्त ने कहा कि नगर में विभिन्न सडक़ों का निर्माण कार्य होना है, इसलिए समय से ही पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने जल भराव के क्षेत्र पर विशेष फोकस किया और समाधान बारे उठाए जा रहे कदमों के बारे में चर्चा की। बैठक में मौजूद विभिन्न नगर पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित सीवर व पेयजल की समस्याओं को रखा इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिए की बिंदु वाइज कार्य योजना तैयार की जाए।
उपायुक्त ने बैठक में बताया कि रोहतक शहर में सीवर व पेयजल पाइप लाइन के करोड़ों रुपये की धनराशि से अनेक परियोजनाएं जारी है। इनमें 15 करोड़ से अधिक की राशि से विभिन्न क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सीवर पाइप लाइन के स्थान पर नई पाइप लाइन डालने का कार्य जारी है, जिसमें से 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। शहर में 17 किलोमीटर मुख्य सीवर लाइनों की सुपर सकर मशीन से 5 करोड़ 70 लाख रुपये से अधिक की राशि से गाद निकाली जा रही है, जिसका 40 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। शहर में 54 करोड़ 67 लाख रुपये की धनराशि से 40 एमएलडी एसटीपी को 60 एमएलडी क्षमता में अपग्रेड करने की प्रक्रिया जारी है।
सचिन गुप्ता ने कहा कि शहर की 9 नई वैध कॉलोनियों में नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर 13 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। शहर के रोहतक-जींद रेलवे लाइन के नजदीक स्थित सिंहपुरा डिस्पोजल पर 3 करोड़ 66 लाख रुपये की धनराशि पुराने सीवरेज सबमर्सिबल सैट, इलेक्ट्रिक केबल, मशीनरी पुर्जे बदलने तथा सिविल वर्क पर खर्च की जायेगी। स्थानीय राजीव गांधी स्टेडियम रोड पर 600 मिलीमीटर स्टॉर्म वाटर की लाइन का सुदृढीकरण किया जायेगा। यह कार्य अलॉट किया जा चुका है। इसी तरह 9 करोड़ 94 लाख रुपये की राशि से अग्रसेन चौक से कृष्णा कॉलोनी तक सीवर लाइन की विशेष मरम्मत /सुदृढीकरण का कार्य भी अलॉट किया जा चुका है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि शहर में स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल एवं स्टॉम सीवर लाइन के विभिन्न कार्य भी प्रस्तावित है। इनमें 15 करोड़ 88 लाख रुपये की राशि से झज्जर मोड से रेलवे लाइन के नजदीक स्थित डिस्पोजल तक स्टॉर्म सीवर लाइन की विशेष मरम्मत/सुदृढीकरण, 17 करोड़ 72 लाख रुपये की राशि से गऊकरण तालाब, नेहरू कॉलोनी में स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल निर्माण, गऊकरण पार्क से ड्रेन नंबर 8 तक डीआई पाइप डालने का कार्य, 2 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से सब डिविजन संख्या 9, एक करोड़ 24 लाख रुपये की राशि से सब डिवीजन संख्या 6 तथा सब डिविजन हॉर्टिकल्चर में 3 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल से मौजूदा सीवरेज लाइन एवं सीवरेज डिस्पोजल में सीवरेज वाटर टैपिंग के कार्य भी प्रस्तावित है।
उपायुक्त एवं नगर निगम आयुक्त ने संयुक्त रूप से कहा कि शहरी बाढ़ प्रबंधन एक साझा संस्थागत जिम्मेदारी है। सभी विभागों को मानसून से पूर्व नालियों एवं नालों की डीसिल्टिंग, मशीनरी व पंपों की तत्परता, मानसून के दौरान समन्वित प्रतिक्रिया तंत्र तथा वर्षा के बाद जलनिकासी समय की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

