Saturday, July 11, 2026
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एसआईआर में लापरवाही पड़ सकती है भारी, 14 जुलाई से पहले करें जरूरी काम

कविता.रोहतक : विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची का सत्यापन जारी है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज जमा करने वाले मतदाताओं का सत्यापन आसान होगा, जबकि देरी होने पर अतिरिक्त जांच और प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में मतदाताओं को समय रहते अपने बीएलओ से संपर्क कर सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर लेनी चाहिए।

समय पर दस्तावेज देने से होगी आसान प्रक्रिया

एसआईआर अभियान के दौरान जो मतदाता तय समय सीमा के भीतर अपने बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा देंगे, उनके आवेदन का सत्यापन प्राथमिकता के साथ और अपेक्षाकृत सरल तरीके से किया जाएगा। इससे मतदाता सूची में नाम बनाए रखने की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सकेगी।

देर होने पर बढ़ सकती है जांच

यदि कोई मतदाता निर्धारित अवधि तक जरूरी दस्तावेज जमा नहीं करता है, तो उसके मामले में अलग से सत्यापन किया जाएगा। ऐसी स्थिति में बीएलओ अतिरिक्त प्रमाण मांग सकते हैं, घर जाकर जानकारी का मिलान कर सकते हैं और दस्तावेज पूरे होने तक प्रक्रिया लंबी हो सकती है।

2002 आधार वर्ष से होगा रिकॉर्ड का मिलान

एसआईआर के लिए वर्ष 2002 को आधार वर्ष माना गया है। जिन महिलाओं का विवाह इसके बाद हुआ है, उनसे मायके पक्ष के मतदाता रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी मांगी जा सकती है। वहीं पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के मामलों में भी माता-पिता के मतदाता रिकॉर्ड के आधार पर आवश्यक सत्यापन किया जाएगा। यदि पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं तो अन्य वैध दस्तावेजों के आधार पर भी जांच पूरी की जा सकती है।

बीएलओ से संपर्क बनाए रखना होगा जरूरी

सत्यापन अभियान के दौरान बीएलओ ही मतदाताओं और निर्वाचन विभाग के बीच प्रमुख कड़ी हैं। दस्तावेज जमा करने, जानकारी में सुधार कराने और किसी भी तरह की शंका का समाधान बीएलओ के माध्यम से ही किया जाएगा। इसलिए मतदाताओं को अपने क्षेत्र के बीएलओ के संपर्क में रहकर सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी करनी चाहिए।

लापरवाही से बढ़ सकती है परेशानी

यदि कोई मतदाता समय पर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराता या मांगी गई जानकारी अधूरी देता है तो उसका मामला लंबित हो सकता है। ऐसे मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं और सत्यापन पूरा होने तक कई बार बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय के चक्कर भी लगाने पड़ सकते हैं। समय पर प्रक्रिया पूरी करना ही सबसे आसान और सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

14 जुलाई के बाद क्या बदलेगा

  • दस्तावेज नहीं देने वालों का अलग से सत्यापन होगा।
  • जरूरत पड़ने पर बीएलओ घर जाकर जानकारी की पुष्टि करेंगे।
  • अतिरिक्त प्रमाण और रिकॉर्ड मांगे जा सकते हैं।
  • दस्तावेज अधूरे मिलने पर प्रक्रिया लंबी होगी।
  • समय पर जानकारी नहीं देने पर नाम हटने का भी जोखिम रहेगा।

किन दस्तावेजों की पड़ सकती है जरूरत

  • दस्तावेज नहीं देने वालों का अलग से सत्यापन होगा।
  • पहचान से संबंधित प्रमाण पत्र।
  • निवास संबंधी दस्तावेज।
  • परिवार से जुड़े मतदाता रिकॉर्ड।
  • जन्म तिथि अथवा आयु का प्रमाण।
  • निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य दस्तावेज।
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