Rohtak News : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि स्थानीय सनसिटी के नजदीक फ्लाईओवर के नीचे रेलवे लाइन के दोनों ओर संचालित की जा रही गौशालाओं को सुरक्षा के दृष्टिगत जिला के गांव ब्राह्मणवास में शिफ्ट किया जाएगा। इस बारे में विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि पशुओं के प्रति संवेदनशीलता एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
उपायुक्त स्थानीय कैंप कार्यालय में पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम एवं पशु कल्याण गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय पशुओं के खिलाफ क्रूरता रोकथाम समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा उपरोक्त दोनों गौशालाओं को शिफ्ट करने के बारे में प्रस्ताव तैयार किया गया है। उन्होंने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को निर्देश दिए कि वे अन्य गांवों में भी ऐसे प्रस्ताव पास करने की संभावनाएं तलाशे। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की हिदायतों अनुसार इन क्षेत्रों में ऐसी किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं है। उन्होंने उपमंडलाधीश आशीष कुमार से कहा कि वे उपरोक्त गौशालाओं को नोटिस की कार्यवाही पूर्ण करें।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने पशुपालन एवं डेयरिंग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उपरोक्त गौशालाओं के लिए एंबुलेंस इत्यादि के लिए एस्टीमेट तैयार करें तथा वेटरनरी सर्जन की डयूटी भी गौशालाओं में लगाये। बैठक में पशु कल्याण से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा गौशालाओं एवं पशु आश्रय स्थलों के संचालन की स्थिति की रिपोर्ट की रिपोर्ट ली गई। आवारा पशुओं के प्रबंधन एवं नसबंदी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। पशुपालन विभाग के साथ समन्वय कर पशुओं के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर विचार किया गया।
आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटना में मौत या दिव्यांगता पर दयालु-2 योजना के तहत पीड़ित को मिलेगा 1 से 5 लाख रुपए तक आर्थिक लाभ
सचिन गुप्ता ने कहा कि सडक़ों पर घूम रहे पशुओं से होने वाली दुर्घटना में किसी भी नागरिक की मृत्यु या दिव्यांगता होने की स्थिति में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु) के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि ‘दयालु-2 योजना’ पोर्टल का सरलीकरण भी किया गया है, ताकि पात्र परिवारों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लाभ मिल सके। दयालु योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता होने पर संबंधित परिवार को एक लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, चोट लगने की स्थिति में न्यूनतम 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार का परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के तहत पंजीकृत होना अनिवार्य है। उन्होंने पात्र नागरिकों का आह्वान किया कि वे आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं। जिला प्रशासन पात्र परिवारों को समय पर सहायता प्रदान करने के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध है। मृत्यु, चोट अथवा दिव्यांगता की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को घटना के दिन से लेकर 90 दिन के भीतर आवेदन करना होगा।
आवेदन करने की प्रक्रिया
www.dapsy.finhry.gov.in पोर्टल पर आवेदन करें। पीपीपी आईडी नंबर दर्ज करें और गेट ओटीपी पर क्लिक करें। ओटीपी दर्ज करें और सबमिट ओटीपी पर क्लिक करें। इसके बाद, परिवार के सदस्यों को प्रदर्शित किया जाएगा, फिर लाभार्थी सभी आवश्यक व्यक्तिगत विवरण भरेगा और फॉर्म जमा करेगा। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-2996024 व 01262-257692 पर संपर्क किया जा सकता है।

