रोहतक : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने शामलात की भूमि पर बने मकानों को नियमित करने वाले सरकार की योजना को लेकर संबंधित सरपंचों से रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त बुधवार को अपने कैंप कार्यालय में राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
सचिन गुप्ता ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 31 मार्च 2004 से पहले शामलात (पंचायत) भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के आवासीय मकानों को नियमित करने (मालिकाना हक देने) का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण ग्राम पंचायत की मदद से कलेक्टर रेट पर भूमि खरीदकर मालिकाना हक प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित पंचायत या उपायुक्त कार्यालय में आवेदन करना होगा।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने संबंधित एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि महम व सांपला तहसील में आवासीय भवन बनवाने की मांग मुख्यालय को प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। गांव मदीना में सरकारी भूमि के उपयोग हेतु उन्होंने महाग्राम योजना के तहत केस तैयार करवा कर मुख्यालय को भेजने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने बैठक में संबंधित तहसीलदारों से ततिमा (किसी मुख्य दस्तावेज, डीड या रिकॉर्ड का बचा हुआ या पूरक अंश, जो मूल दस्तावेज के अंत में जोड़ा जाता है।) कटिंग के बारे में रिपोर्ट प्राप्त कर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि गांव वाइज रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। कौन से गांव में कितने ततिमा लंबित है।
सचिन गुप्ता ने बैठक में इंतकाल को लेकर भी संबंधित तहसीलदारों से रिपोर्ट प्राप्त की और आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। इसी प्रकार से तहसील वाइज जमाबंदी को लेकर भी दिशा निर्देश जारी किए गए। राजस्व न्यायालय में लंबित पार्टीशन, गिरदावरी व डिमार्केशन आदि मामलों के बारे में भी रिपोर्ट प्राप्त की और निर्देश दिए कि मामलों को निपटाने में तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि गांव वाइज सरकारी संपत्ति का विवरण तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में खाना काश्त, हरियाणा लार्ज स्केल मैपिंग प्रोग्राम, मॉडर्न रेवेन्यू रिकॉर्ड रूम, पेपरलेस रजिस्ट्री, सेक्शन 47 ए स्टैंप ड्यूटी केस, विभागीय जांच, उच्च न्यायालय में लंबित मामले, सर प्लस भूमि, चकबंदी, ई-क्षतिपूर्ति व नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट आदि की भी समीक्षा की।
बैठक में रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार, महम के एसडीएम विपिन कुमार शर्मा, जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, तहसीलदार यशपाल शर्मा सहित राज्यसभा विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

