Rohtak News : उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि राजस्व रिकॉर्ड के रखरखाव में कोताही को कतई सहन नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने शुक्रवार को सांपला तहसील का औचक निरीक्षण करके राजस्व रिकॉर्ड की जांच पड़ताल की।
उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड के रखरखाव में कोताही बरतने वाले अधिकारी व कर्मचारी से जवाब तलब करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तहसील के कार्यों को लेकर आमजन को कोई भी परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पटवारी के एक माह के कार्य का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए। निशानदेही के लिए रजिस्टर लगाने के निर्देश दिए और कहा कि कोई भी मामला लंबित नहीं रहना चाहिए। राजस्व न्यायालय में आने वाले सभी मामलों को पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि बंटवारे के मामलों में भी अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने गिरदावरी, इंतकाल रजिस्ट्री, टोकन, पटवारी की डायरी, मुसावी व जमाबंदी से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की और मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने राजस्व अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि अगर आवश्यकता है तो तहसील स्टाफ को प्रशिक्षण भी दिया जाए। उन्होंने एसडीएम को तहसील कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए और कहा कि एक-एक कार्य में पारदर्शिता होनी चाहिए। तहसील परिसर में आमजन की समस्याओं को सुना और समाधान बारे दिए निर्देश।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने सांपला शहर का निरीक्षण करके स्वच्छता के बारे में रिपोर्ट प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने सांपला-खरखौदा रोड पर नाले की सफाई करने के निर्देश दिए। बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए अधिकारियों की पूरी टीम फील्ड में जुटी हुई है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा समस्याओं को चिन्हित कर लिया गया है। उनके समाधान के लिए अल्पावधि व दीर्घावधि की कार्य योजना तैयार की गई है। एक-एक समस्या का स्थाई समाधान किया जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जिला को कैटल फ्री बनाने के लिए मजबूत ढांचागत सुविधा उपलब्ध हैं।
इस दौरान सांपला के एसडीएम उत्सव आनंद व जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल सहित राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।