- दिल्ली-दिल्ली’ की पुकार, बाईपास पर जाम की मार
- जहां-तहां खड़े प्राइवेट वाहन, दिल्ली बाईपास पर रोज जाम
कविता. रोहतक : दिल्ली बाईपास इन दिनों लगातार जाम की समस्या से जूझ रहा है। सड़क पर हर समय लगने वाले जाम का एक बड़ा कारण यहां खड़े रहने वाले प्राइवेट वाहन हैं।
दर्जनों कैब, कार और अन्य निजी वाहन सड़क किनारे खड़े होकर दिल्ली, सांपला, बहादुरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लिए सवारियां भरते हैं। धीरे-धीरे यह स्थान अवैध प्राइवेट स्टैंड का रूप ले चुका है।
सड़क पर वाहनों की कतार लगने से यातायात प्रभावित रहता है और आम लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है।
सड़क पर ही बन गया अवैध स्टैंड

दिल्ली बाईपास पर सुबह से देर शाम तक बड़ी संख्या में प्राइवेट वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं। निर्धारित स्टैंड न होने के बावजूद चालक यहीं से सवारियां बैठाते हैं, जिससे सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है और यातायात की रफ्तार धीमी पड़ जाती है।
सवारियों के लिए लगती हैं आवाजें
वाहन चालक लगातार दिल्ली-दिल्ली, सांपला, बहादुरगढ़ जैसी आवाजें लगाकर सवारियां बुलाते रहते हैं। कई बार वाहन बीच सड़क या किनारे अचानक रोक दिए जाते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
पुलिस की मौजूदगी, फिर भी नहीं थम रही अव्यवस्था
दिल्ली बाईपास पर पुलिस की तैनाती होने के बावजूद अवैध रूप से सवारियां भरने का सिलसिला जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित कार्रवाई और सख्ती की जाए तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।

राहगीरों और वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी
हर रोज लगने वाले जाम का सबसे अधिक असर आम लोगों पर पड़ रहा है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, छात्र, मरीज और दूसरे वाहन चालक लंबे समय तक जाम में फंसे रहते हैं। इससे समय की बर्बादी के साथ-साथ ईंधन की खपत भी बढ़ रही है।
स्थायी समाधान की उठ रही मांग
लोगों का कहना है कि प्राइवेट वाहनों के लिए अलग स्टैंड निर्धारित किया जाए और सड़क पर सवारी भरने वालों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाए। लोगों का मानना है कि यदि अवैध स्टैंड को हटाकर यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए तो दिल्ली बाईपास पर लगने वाले जाम से काफी राहत मिल सकती है।


