Rohtak News : रोहतक के उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिला प्रशासन सरकारी विद्यालयों को शैक्षणिक उत्कृष्टता, कौशल विकास, आत्मविश्वास निर्माण और भविष्य के अवसरों के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निपुण हरियाणा मिशन के तहत निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करने के लिए प्रयास और तेज करने के निर्देश दिए।
सचिन गुप्ता स्थानीय लघु सचिवालय में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बैठक में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान, पीएम पोषण योजना, समग्र शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और विद्यार्थियों के समग्र विकास से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा की।
सचिन गुप्ता ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल कक्षा शिक्षण और परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत बुनियादी कौशल, करियर मार्गदर्शन, नए अवसरों की जानकारी और जीवन में सफलता के लिए आवश्यक आत्मविश्वास प्राप्त हो। रोहतक ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत संस्कार, करियर मार्गदर्शन, आधुनिक कौशल और अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने के समान अवसर उपलब्ध हों।
निपुण हरियाणा के तहत 100 प्रतिशत बुनियादी सीखने पर जोर
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने निपुण हरियाणा मिशन की समीक्षा करते हुए कहा कि जिला में लक्षित विद्यार्थियों में से लगभग 82 प्रतिशत छात्र निर्धारित शिक्षण दक्षताओं को प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को शेष विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए ताकि जिला पूर्ण बुनियादी शिक्षण दक्षता हासिल कर सके।
सचिन गुप्ता ने कहा कि कक्षा तैयारी कार्यक्रम (क्लासरूम रेडीनेस प्रोग्राम) के तहत सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में 100 प्रतिशत कवरेज हासिल कर ली गई है। वहीं डिजिटल स्किल पासबुक के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का आकलन कर आवश्यक शैक्षणिक हस्तक्षेप किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत शिक्षा प्रणाली की नींव इस बात में निहित है कि प्रत्येक बच्चा अपनी आयु के अनुरूप पढ़ने, लिखने और गणना करने की क्षमता विकसित करे। कोई भी बच्चा पीछे नहीं रहना चाहिए।
कौशल शिक्षा से खुल रहे नए अवसर
सचिन गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के तहत जिला के 66 सरकारी विद्यालयों में 14 विभिन्न ट्रेडों में व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे 7,651 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। कार्यक्रम के विस्तार के लिए 10 अतिरिक्त विद्यालयों का प्रस्ताव भी भेजा गया है। उपायुक्त ने सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि एनएसक्यूएफ बोर्ड परीक्षाओं में कक्षा 10 का परिणाम 99.80 प्रतिशत तथा कक्षा 12 का परिणाम 98.44 प्रतिशत रहा है। विशेष उपलब्धि के रूप में 25 विद्यार्थियों ने व्यावसायिक विषयों में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं।
सुपर-40, ओलंपियाड और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए तैयार करने वाले कार्यक्रमों को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला के सुपर-40 कार्यक्रम में 60 से अधिक विद्यार्थी नामांकित हैं, जिन्हें आईआईटी-जेईई, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष मार्गदर्शन और कोचिंग प्रदान की जा रही है। इसके अलावा 25 विद्यालयों में गणित ओलंपियाड की कोचिंग दी जा रही है।
सचिन गुप्ता ने कहा कि विद्यार्थी युवा संसद, युवा ग्राम पंचायत, योग ओलंपियाड और भारतीय भाषा समर कैंप जैसे कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। उपायुक्त ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, भावनात्मक मजबूती और समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित प्रोजेक्ट विश्वास सहित अन्य कल्याणकारी पहलों की भी समीक्षा की।
पोषण और छात्र कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने पीएम पोषण योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि जिला के 406 सरकारी विद्यालयों में 31 हजार से अधिक विद्यार्थियों को पौष्टिक मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। उपायुक्त ने 396 विद्यालयों में संचालित किचन गार्डन की सराहना की तथा कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को प्रोटीन युक्त पोषण सामग्री और फ्लेवर्ड दूध उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की योजना की प्रगति की भी समीक्षा की।
आधारभूत ढांचे के उन्नयन पर विशेष ध्यान
सचिन गुप्ता ने समग्र शिक्षा कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यालयों में आधारभूत ढांचे के विकास, सौंदर्यीकरण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कक्षा निरीक्षण, शिक्षकों के मार्गदर्शन तथा डीआईईटी मदीना एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से संचालित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को और सुदृढ़ करने पर भी बल दिया।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि क्लस्टर एडॉप्शन पहल के तहत जिला एवं खंड स्तर के अधिकारी विद्यालयों की नियमित निगरानी जारी रखेंगे ताकि शिक्षण परिणामों में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि रोहतक ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत संस्कार, करियर मार्गदर्शन, आधुनिक कौशल और अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने के समान अवसर उपलब्ध हों। शिक्षा जिला के भविष्य में सबसे महत्वपूर्ण निवेशों में से एक है।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा, डाइट की प्राचार्या ऋतु पंघाल, डीपीसी सुमन हुड्डा, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता चहल, प्राध्यापिका मनीषा पंवार, एफएलएन कोऑर्डिनेटर रूपांशी हुड्डा, सांपला के खंड शिक्षा अधिकारी सूरजभान, कलानौर के खंड शिक्षा अधिकारी संजय हुड्डा, महम के खंड शिक्षा अधिकारी सतेंद्र नेहरा, रोहतक की कार्यकारी खंड शिक्षा अधिकारी अंजू डबास, लाखनमाजरा की खंड शिक्षा अधिकारी साधना के अलावा जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. समीर मान व जिला गणित विशेषज्ञ डॉ. दीपक अरोड़ा सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

