Tuesday, August 25, 2026
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रोहतक से दिल्ली कैब सेवा पर ब्रेक, कम किराये के विरोध में ओला-ऊबर ड्राइवरों की हड़ताल

  • 600-700 रुपये किराया, खर्च 1400 का… ओला-ऊबर ड्राइवर बोले- अब 2200 से कम मंजूर नहीं

कविता.रोहतक : ऑनलाइन कैब कंपनियों ओला, ऊबर और रैपिडो से जुड़े ड्राइवरों ने कम किराये के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रोहतक में करीब एक हजार ड्राइवरों ने हड़ताल का ऐलान करते हुए गाड़ियां चलाने से इनकार कर दिया है। ड्राइवरों का कहना है कि कंपनी रोहतक से दिल्ली तक की सवारी के महज 600 से 700 रुपये दे रही है, जबकि एक ट्रिप में उनका खर्च करीब 1400 रुपये तक पहुंच जाता है। ऐसे में कमाई तो दूर, जेब से पैसा लगाकर गाड़ी चलानी पड़ रही है। 600-700 रुपये में दिल्ली, खर्च 1400 रूपये। ड्राइवरों का सीधा सवाल कि बचता क्या है।

ड्राइवरों का कहना है कि रोहतक से दिल्ली का सफर करीब 70 किलोमीटर का है। कंपनी 10 से 12 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया दे रही है। इसमें ईंधन, टोल, गाड़ी की मेंटेनेंस, टायर, सर्विस और चालक की मेहनत जोड़ने के बाद हाथ में कुछ खास नहीं बचता। ड्राइवरों के मुताबिक कई बार पूरी ट्रिप का खर्च किराये से ही ज्यादा पड़ जाता है। उनका कहना है कि अगर यही व्यवस्था रही तो गाड़ी सड़क पर उतारने का कोई मतलब नहीं है।

22 रुपये किलोमीटर से कम नहीं, दिल्ली का किराया 2200-2500 करो

हड़ताल पर बैठे ड्राइवरों की मांग है कि उन्हें कम से कम 22 रुपये प्रति किलोमीटर से ज्यादा का भुगतान किया जाए। रोहतक से दिल्ली की ट्रिप का किराया 2200 से 2500 रुपये करने की मांग रखी गई है। ड्राइवरों का कहना है कि तभी ईंधन, टोल, गाड़ी के रखरखाव और उनकी मेहनत का खर्च निकल सकेगा। उनका साफ कहना है कि अब कम किराये पर समझौता नहीं किया जाएगा।

रोहतक से दिल्ली की गाड़ियां रोकेंगे, दिल्ली से आने वालों पर भी नजर

ड्राइवरों ने हड़ताल को और कड़ा करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक रोहतक से ओला-ऊबर की गाड़ियां नहीं चलने दी जाएंगी। साथ ही दिल्ली और दूसरे शहरों से रोहतक आने वाली इन कंपनियों की गाड़ियों पर भी नजर रखी जाएगी। शहर में भी ओला-ऊबर की कैब को लेकर ड्राइवर सक्रिय रहेंगे। यानी आने वाले दिनों में कैब सेवाओं पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

दिल्ली वालों को ज्यादा, रोहतक वालों को कम, ड्राइवरों ने लगाया भेदभाव का आरोप

हड़ताल कर रहे ड्राइवरों का सबसे बड़ा आरोप कंपनी की किराया नीति को लेकर है। उनका कहना है कि दिल्ली में चलने वाले ड्राइवरों को ज्यादा भुगतान किया जा रहा है, जबकि रोहतक के ड्राइवरों को उसी तरह की दूरी और सेवा के लिए कम किराया मिलता है। ड्राइवरों का आरोप है कि एक ही कंपनी के लिए काम करने के बावजूद शहर के हिसाब से भुगतान में अंतर किया जा रहा है। उन्होंने कंपनी से किराया नीति साफ करने और रोहतक के ड्राइवरों के साथ समान व्यवहार करने की मांग की है।

हजार परिवारों की कमाई पर असर, यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी

रोहतक में करीब एक हजार ड्राइवर ओला-ऊबर जैसी कंपनियों से जुड़कर गाड़ियां चला रहे हैं। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंची तो इसका असर सिर्फ ड्राइवरों तक सीमित नहीं रहेगा। रोजाना कैब से सफर करने वाले यात्रियों, खासकर रोहतक से दिल्ली आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट और दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए ऑनलाइन कैब एक बड़ा विकल्प हैं। कैब का पहिया थमने से लोगों को दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ेगा।

पहले खर्च निकलता था, अब जेब से डालना पड़ रहा

ड्राइवरों का कहना है कि ऑनलाइन कैब का काम शुरू होने के समय उन्हें उम्मीद थी कि नियमित सवारी और बेहतर किराये से आमदनी होगी, लेकिन लगातार कम होते किराये ने पूरा गणित बिगाड़ दिया है। उनका कहना है कि गाड़ी उनकी, ईंधन उनका, रखरखाव उनका और जोखिम भी उनका, लेकिन किराया कंपनी तय कर रही है। 600-700 रुपये की दिल्ली ट्रिप में जब करीब 1400 रुपये तक खर्च हो जाएं तो ड्राइवर के पास बचता क्या है? इसी वजह से अब उन्होंने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।

मांग पूरी नहीं हुई तो हड़ताल लंबी चलेगी

ड्राइवरों ने साफ कर दिया है कि यह सिर्फ एक दिन का विरोध नहीं है। जब तक कंपनी किराया बढ़ाने पर सहमत नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी दी गई है। ड्राइवरों का कहना है कि 22 रुपये से ज्यादा प्रति किलोमीटर का भुगतान और रोहतक-दिल्ली रूट पर 2200 से 2500 रुपये किराया उनकी मुख्य मांग है। अब नजर कंपनी की प्रतिक्रिया पर है। अगर दोनों पक्षों के बीच बात नहीं बनी तो रोहतक में ऑनलाइन कैब सेवा का संकट और गहरा सकता है।

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