Sunday, June 21, 2026
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शोधार्थी कृष्ण कन्हैया का ऑस्ट्रेलिया के वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय में ड्यूल डिग्री कार्यक्रम के तहत चयन

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के मृदा एवं जल संरक्षण विभाग के पीएच.डी. शोधार्थी कृष्ण कन्हैया का चयन हकृवि एवं वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय ऑस्ट्रेलिया द्वारा संयुक्त रूप से संचालित प्रतिष्ठित ड्यूल डिग्री पीएचडी कार्यक्रम के लिए हुआ है। इसके साथ ही उन्हें ऑस्ट्रेलिया में अपने शोध कार्य के एक भाग को पूरा करने हेतु वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय द्वारा छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज काम्बोज ने इस उपलब्धि पर शोधार्थी को बधाई देते हुए कहा कि यह चयन विश्वविद्यालय में संचालित उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय अवसर वैश्विक शोध सहयोग को सुदृढ़ करते हैं तथा विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि कृष्ण कन्हैया उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे जिससे अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढऩे की प्रेरणा मिलेगी।

स्नातकोत्तर शिक्षा अधिष्ठाता डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग शोध की गुणवत्ता बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर सीखने के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि इस छात्रवृत्ति के अंतर्गत शोध अवधि के दौरान पूर्ण शिक्षण शुल्क (ट्यूशन फीस) माफ रहेगा तथा प्रतिवर्ष (प्रो-राटा आधार पर) 35,188 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की छात्रवृत्ति राशि भी प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर शोधार्थी को एचएयू और वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय दोनों से पीएच.डी. उपाधि प्रदान की जाएगी।

कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजय कुमार वशिष्ट ने बताया कि ड्यूल डिग्री कार्यक्रम के अंतर्गत कृष्ण कन्हैया ‘भूजल क्षरण पर गन्ना सिंचाई के प्रभाव को समझना: एक क्षेत्र-आधारित मॉडलिंग अध्ययन’ विषय पर शोध करेंगे। वे जून 2026 से दिसंबर 2027 तक कुल 18 माह वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय में व्यतीत करेंगे। ऑस्ट्रेलिया में उनके शोध कार्य का मार्गदर्शन प्रोफेसर बसंत महेश्वरी एवं डॉ. जेसन रेनॉल्ड्स करेंगे, जबकि हकृवि में उनके मार्गदर्शक प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डी. एस. बुंदेला हैं।

अंतरराष्ट्रीय मामलों की प्रभारी डॉ. आशा कवात्रा ने कहा कि हकृवि व डब्ल्यूएसयू साझेदारी विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय शोध अनुभव प्राप्त करने के लिए निरंतर महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष यहां के विद्यार्थियों का चयन डब्ल्यूएसयू के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए किया जाता है।

इस उपलब्धि के लिए कृष्ण कन्हैया ने विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों तथा अपने माता-पिता का निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर ओएसडी डॉ. अतुल ढींगड़ा तथा आईएसी के समन्वयक डॉ. मंजूनाथ भी उपस्थित रहे।

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