नई दिल्ली। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान कथित पैलेट गन फायरिंग में घायल हुए छात्र साहिल लोहबच के मामले में शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान प्रियंका गांधी, जयराम रमेश, सांसद कुमारी सैलजा समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मौके पर मौजूद थे।
इसके बाद सियासी हलचल बढ़ गई है। पांच घंटे बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी की एफआईआर दर्ज करने की मांग मानी। वहीं मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, साहिल की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
राहुल गांधी शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने पैलेट गन से घायल छात्र साहिल लोहबच की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि जब तक साहिल की एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक वह धरने से नहीं हटेंगे। इसके बाद वह साहिल को अपने साथ लेकर डीसीपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से मामले में कार्रवाई की जानकारी ली।
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने बताया कि पैलेट गन से घायल साहिल के शरीर में 200 से अधिक छर्रे लगे हैं। इनमें तीन छर्रे उसकी आंख में हैं, जिससे उसकी आंख की रोशनी चली गई है। इसके अलावा दिल के पास भी छर्रे मौजूद हैं, जिन्हें डॉक्टरों के अनुसार निकाला नहीं जा सकता।
राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस का कहना है कि पुलिस ने पैलेट गन नहीं चलाई। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्र के शरीर में छर्रे मिले हैं तो आखिर इन्हें चलाया किसने। उन्होंने कहा कि यहां एक अपराध हुआ है और इसकी जांच के लिए एफआईआर दर्ज होना जरूरी है।


