Wednesday, October 21, 2026
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सैंपलिंग पर सवाल: दिवाली पर मिठाई खा लेंगे लोग, विभाग बाद में बताएगा शुद्ध है या मिलावटी!

कविता रोहतक : त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सैंपलिंग अभियान शुरू कर दिया है। विभाग ने घी और नमकीन समेत पांच खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए हैं। लेकिन जांच रिपोर्ट आने में करीब 20 दिन लगने की बात कही जा रही है।

ऐसे में सवाल उठता है कि जब तक रिपोर्ट आएगी, तब तक लोग दिवाली पर मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदकर खा चुके होंगे। यदि किसी सैंपल में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित उत्पाद की बिक्री रोकने और उपभोक्ताओं को सतर्क करने में देरी हो सकती है। ऐसे में त्योहार के दौरान केवल सैंपल लेना ही नहीं, बल्कि संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री पर निगरानी और जांच में तेजी लाना भी जरूरी है।

त्योहार पर बढ़ती है मिलावट की आशंका

दिवाली के दौरान मिठाई, मावा, पनीर, घी और नमकीन की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावटी या घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बाजार में आने की आशंका रहती है। खासकर खुले में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता का अंदाजा लगाना उपभोक्ताओं के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में नियमित निरीक्षण और समय पर कार्रवाई से ही मिलावट पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

पांच सैंपल जांच के लिए भेजे

खाद्य सुरक्षा विभाग ने अभियान के तहत सामक, घी और नमकीन समेत पांच खाद्य पदार्थों के नमूने लिए हैं। इनकी जांच से गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों की स्थिति स्पष्ट होगी। हालांकि, रिपोर्ट आने में करीब 20 दिन लगने की बात सामने आई है। त्योहार के मद्देनजर जांच में तेजी लाना जरूरी है, ताकि मिलावट मिलने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

रिपोर्ट में देरी से कार्रवाई का उद्देश्य प्रभावित

सैंपल की रिपोर्ट आने तक संबंधित खाद्य पदार्थ बाजार में बिकते रहे तो बड़ी संख्या में उपभोक्ता उनका सेवन कर सकते हैं। बाद में मिलावट की पुष्टि होने पर विक्रेता या निर्माता के खिलाफ कार्रवाई संभव है, लेकिन लोगों को पहले से सतर्क करने का मौका निकल सकता है। इसलिए संदिग्ध उत्पादों की पहचान, निगरानी और नियमानुसार त्वरित कार्रवाई पर जोर देना जरूरी है।

मिठाई खरीदते समय रखें ध्यान

मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी, गंध और रंग पर ध्यान दें। अस्वाभाविक रूप से चमकीले रंग या तेज गंध वाली मिठाई से बचें, हालांकि केवल देखकर मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती। साफ-सुथरी दुकान से मिठाई खरीदें और उसकी ताजगी के बारे में पूछें। पैकेटबंद घी, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि, बेस्ट बिफोर तारीख, सामग्री, FSSAI लाइसेंस नंबर और पैकेट की सील जरूर जांचें। खुले खाद्य पदार्थों को धूल और मक्खियों से बचाकर रखा गया हो। खरीदारी का बिल भी जरूर लें।

मिलावट का शक हो तो शिकायत करें

खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह होने पर उसका सेवन न करें। पैकेट, बिल और उत्पाद की जानकारी सुरक्षित रखें तथा जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी या संबंधित कार्यालय में शिकायत करें। शिकायत में दुकान का नाम, उत्पाद की जानकारी, खरीद की तारीख और उपलब्ध तस्वीरें देना उपयोगी होगा। त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं की सतर्कता के साथ विभाग की समयबद्ध जांच और कार्रवाई भी जरूरी है।

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